माइंस विभाग ने शुरू की राजस्व लक्ष्य संग्रहण की कवायद : अधिकारियों को राजस्व वसूली के स्रोतों पर फोकस करने के निर्देश, बंद पड़ी खानों में खनन कार्य की करें कवायद
खनिज भवन में विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित किया
माइंस विभाग ने 2026-27 के लिए 14,001 करोड़ रुपए के महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य पर काम शुरू कर दिया है। एसीएस अपर्णा अरोरा ने वैध खनन बढ़ाने, अवैध खनन रोकने, बंद खानों को चालू करने और ब्लॉकों के समयबद्ध ऑक्शन का रोडमैप बनाने के निर्देश दिए। बीते वर्ष विभाग ने 13% वृद्धि के साथ 10,394 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व जुटाया।
जयपुर। माइंस विभाग ने वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य संग्रहण की कवायद शुरु की है। वहीं वित्तीय वर्ष के दौरान मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों और प्लॉटों के तैयार करने से लेकर ऑक्शन तक का कलेण्डर बनाने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने अधिकारियों को राजस्व वसूली के सभी संभावित स्रोतों पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस माइंस अरोरा शनिवार को खनिज भवन में विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित किया।
उन्होंने प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा और अवैध खनन पर कारगर रोक के लिए मिनरल क्षेत्रों में डेलिनियेशन, प्लॉट या ब्लॉक तैयार करने और ऑक्शन की टाइमलाईन बनाते हुए रोडमैप तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा राज्य में बंद पड़ी खानों में उत्पादन आरंभ कराने की कवायद की जाएं। राजस्व के अवसर विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि हाल ही समाप्त हुए वित वर्ष में 13 प्रतिशत विकास दर के साथ 10394 करोड़ का रेकार्ड राजस्व संग्रहित किया है। वर्ष 2026-27 के लिए 39 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 14001 करोड़ का लक्ष्य दिया है।

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