आमेर में अवैध हाथी सवारी पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, निजी पक्षकारों को नोटिस जारी
हाथी गांव के बाहर हाथी सवारी करा रहे हैं
अवैध हाथी सवारी पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त हुआ है। जस्टिस समीर जैन ने पुरातत्व, पर्यटन और वन विभाग के अधिकारियों समेत निजी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। याचिका में आरोप है कि नियमों के बावजूद बाहरी लोग हाथी सवारी कराकर पर्यटकों से 5 से 10 हजार रुपए वसूल रहे हैं, जबकि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आमेर इलाके में अवैध रूप से हाथी सवारी के मामले में प्रमुख पुरातत्व सचिव, निदेशक, पर्यटन निदेशक, उप निदेशक पर्यटन और उप वन अधिकारी सहित निजी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने यह आदेश हाथी गांव विकास समिति की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि हाथी गांव में वन मंत्रालय के निर्देश पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं।
आरंभ में यहां करीब 100 हाथी रखे गए थे। बाद में समय के साथ महावतों की संख्या बढ़ने से हाथियों की संख्या भी बढ़ती गई। याचिका में कहा गया कि स्पष्ट नियम होने के बावजूद भी अनाधिकृत और बाहरी लोग आमेर किले और हाथी गांव के बाहर हाथी सवारी करा रहे हैं। इसके बदले पर्यटकों से 5 हजार से 10 हजार रुपए से वसूले जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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