चंबल अभयारण्य में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : हाई रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने और जीपीएस ट्रैकिंग करने के निर्देश, आदेशों के उल्लंघन को मानेंगे अवमानना
चंबल इलाके से गुजरे उसमें ट्रैकर लगा होना चाहिए
कोर्ट ने चंबल अभयारण्य में अवैध खनन पर सख्ती दिखाते हुए राजस्थान, मध्यप्रदेश और यूपी को हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी और जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए। बेंच ने चेतावनी दी कि उल्लंघन अवमानना माना जाएगा। खनन में लगे सभी वाहनों में ट्रैकर जरूरी होगा। अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश, अगली सुनवाई 11 मई को।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभयारण्य में अवैध खनन पर सख्त रवैया अपनाते हुए राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश को हाई रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने और जीपीएस ट्रैकिंग करने का निर्देश दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने साफ किया कि अगर अवैध खनन का कोई मामला सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे तुरंत कार्रवाई करें और मौके पर टीम भेजें और कठोर कदम उठाएं। मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।
कोर्ट ने कहा: आदेशों के उल्लंघन को अवमानना मानेंगे
कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें ये सुनिश्चित करें कि अवैध खनन से प्रभावित इलाकों में ऊंचे खंभों पर हाई रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी लाइव फीड संबंधित जिले के एसपी या एसएसपी और संबंधित वन अधिकारी की सीधी निगरानी में रहे। कोर्ट ने आदेशों के उल्लंघन को अवमानना मानते हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
जो भी वाहन चंबल इलाके से गुजरे उसमें ट्रैकर लगा होना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने इन राज्यों से आदेश के अनुपालना संबंधी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि खनन गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों जैसे ट्रैक्टर, अर्थ मूवर्स और लोडर्स आदि में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएं। इससे इन वाहनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। कोर्ट ने साफ कहा कि जो भी वाहन चंबल इलाके से गुजरे उसमें ट्रैकर लगा होना चाहिए ताकि अवैध रेत परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

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