आईआईटी जोधपुर और एमएनआईटी जयपुर के बीच एमओयू, जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में आरएसपीसीबी की ऐतिहासिक पहल

एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज और क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर बनेंगे

आईआईटी जोधपुर और एमएनआईटी जयपुर के बीच एमओयू, जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में आरएसपीसीबी की ऐतिहासिक पहल

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने और सतत विकास को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया। इस क्रम में आरएसपीसीबी ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों आईआईटी, जोधपुर और एमएनआईटी, जयपुर के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने और सतत विकास को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। इस क्रम में आरएसपीसीबी ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों आईआईटी, जोधपुर और एमएनआईटी, जयपुर के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन एमओयू के तहत आईआईटी, जोधपुर के सहयोग से सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज तथा एमएनआईटी, जयपुर के साथ मिलकर क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह एमओयू आरएसपीसीबी अध्यक्ष आलोक गुप्ता की उपस्थिति में आरएसपीसीबी सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल, एमएनआईटी जयपुर के निदेशक प्रो. नारायणा प्रसाद एवं आईआईटी जोधपुर के डॉ. दीपक स्वामी के मध्य संपन्न हुआ।
जगतपुरा में आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा रही: आरएसपीसीबी सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल ने बताया कि इन केंद्रों की स्थापना राज्य बजट में की गई घोषणा के अनुरूप की जा रही है। फिलहाल जगतपुरा में आवश्यक आधारभूत संरचना 
विकसित की जा रही है, जिसके पूर्ण होने तक ये केंद्र संबंधित संस्थानों के परिसरों में संचालित होंगे।

250 करोड़ से बनेगा क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर
250 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। इस केंद्र के माध्यम से ग्रीन स्किलिंग, अपशिष्ट को संसाधन के रूप में विकसित करना, सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा देना, प्रदूषण नियंत्रण के लिए अनुसंधान तथा आमजन और विद्यार्थियों के लिए डेटा एवं नॉलेज हब विकसित किए जाएंगे। अत्याधुनिक स्वच्छ एवं हरित तकनीकों के विकास से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

150 करोड़ की लागत से स्थापित होगा सेंटर  
150 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाला सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज राजस्थान को जलवायु अनुसंधान, नीति परामर्श, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा। यह केंद्र जलवायु मानचित्रण, अर्ली वार्निंग सिस्टम, जलवायु अनुकूलन और नीति एवं तकनीकी परामर्श जैसे महत्वपूर्ण कायार्ें को अंजाम देगा। 

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