एनसीआर के जिलों में कैब और डिलीवरी सेवाओं के लिए नए नियम लागू, डीजल-पेट्रोल वाहनों पर सख्ती
स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा
जयपुर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग ने वाहन एग्रीगेटर (कैब कंपनियां), डिलीवरी सेवा प्रदाता और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए प्रावधान लागू करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, अब एग्रीगेटर कंपनियां अपने बेड़े में तिपहिया श्रेणी में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा ही शामिल कर सकेंगी।
डीजल या पेट्रोल से संचालित तिपहिया और चार पहिया वाहनों को नए वाहन के रूप में फ्लीट में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, दुपहिया वाहनों के संबंध में भी सख्ती बरती गई है। केवल बीएस-6 मानक वाले दुपहिया वाहन ही 31 दिसंबर 2026 तक फ्लीट में जोड़े जा सकेंगे। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी संबंधित कंपनियों को परिवहन विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने तथा अपने बेड़े में शामिल प्रत्येक वाहन का विवरण संबंधित एआरटीओ के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नियमों की अवहेलना करने वाली कंपनियों के विरुद्ध संबंधित आरटीओ और डीटीओ द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के साथ स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

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