नीति आयोग ने सराहा राजस्थान का शिक्षा मॉडल, एकीकृत विद्यालयों में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर
प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल
नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट ‘एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ में राजस्थान के सकारात्मक शैक्षणिक परिदृश्य को प्रमुखता से रेखांकित। रिपोर्ट के अनुसार कक्षा 1 से 12वीं तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध करवाने में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर।
जयपुर। नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट ‘एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ में राजस्थान के सकारात्मक शैक्षणिक परिदृश्य को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कक्षा 1 से 12वीं तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध करवाने में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2024-25 में देशभर में केवल 5.4 प्रतिशत विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध है, जबकि इन विद्यालयों में राजस्थान की हिस्सेदारी लगभग 35 प्रतिशत है। यानी देश का हर तीसरा ऐसा विद्यालय राजस्थान में संचालित हो रहा है।
प्रदेश में वर्तमान में 27 हजार 889 विद्यालय ऐसे हैं जहां प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही है। नीति आयोग ने माना कि एकीकृत विद्यालयों की कमी के कारण विद्यार्थियों को बार-बार स्कूल बदलना पड़ता है, जिससे ड्रॉप आउट की आशंका बढ़ती है। वहीं राजस्थान में मजबूत एकीकृत शिक्षा नेटवर्क से शैक्षणिक संकेतकों में सुधार देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

Comment List