नीट पेपर लीक की जांच में सीकर बना बड़ा केंद्र, देशभर तक फैला था नेटवर्क
नीट पेपर लीक: सीकर बना साजिश का मुख्य केंद्र
नीट-यूजी 2026 जांच में खुलासा हुआ है कि प्रश्नपत्र नासिक से लीक होकर सीकर के जरिए देशभर में फैला। गुरुग्राम से जयपुर होते हुए पेपर को "गेस पेपर" के नाम पर केरल और बिहार तक भेजा गया। एक छात्र द्वारा पिता को भेजे गए मैसेज से इस बड़े व्हाट्सएप सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ।
सीकर। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच में राजस्थान का सीकर सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी और राजस्थान एसओजी लगातार इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक होकर अलग-अलग राज्यों तक पहुंचा था।
सूत्रों के अनुसार, पेपर सबसे पहले हरियाणा के गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा और फिर जयपुर के जमवारामगढ़ होते हुए सीकर आया। यहां से इसे देशभर में “गेस पेपर” के नाम पर फैलाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पेपर दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर, केरल और उत्तराखंड तक पहुंचा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब केरल में पढ़ रहे सीकर के एक एमबीबीएस छात्र ने पेपर अपने पिता को भेजा। छात्र ने संदेश में लिखा कि यही सवाल अगले दिन की परीक्षा में आने वाले हैं। इसके बाद पेपर को छात्रावास में रह रही छात्राओं तक पहुंचा दिया गया।
परीक्षा के बाद जब सवालों का मिलान हुआ तो जीवविज्ञान और रसायन विज्ञान के सभी प्रश्न उसी गेस पेपर में पाए गए। इसके बाद मामला पुलिस और एनटीए तक पहुंचा, जिसके बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।

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