नोट टू ड्रग्स वॉकअप जयपुर अभियान : नशे का जाल ऐसा, हर वारदात के पीछे नशा ही वजह
पांच मामलों ने इस हकीकत को और स्पष्ट
हालिया अपराधों की पड़ताल की जाए तो ये कहना गलत नहीं होगा कि अधिकतर अपराधों की वजह नशा ही बनता है। यह बात जयपुर पुलिस के हालिया रिपोर्ट्स से सही भी साबित हो रही है। रिपोर्ट् चिंताजनक ट्रेंड की ओर इशारा कर रही।
जयपुर। हालिया अपराधों की पड़ताल की जाए तो ये कहना गलत नहीं होगा कि अधिकतर अपराधों की वजह नशा ही बनता है। यह बात जयपुर पुलिस के हालिया रिपोर्ट्स से सही भी साबित हो रही है। रिपोर्ट् चिंताजनक ट्रेंड की ओर इशारा कर रही है। शहर में बढ़ते अपराधों में लगभग हर दूसरे मामले में आरोपी या तो नशे में वारदात करता है या नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपराध के राह पर चलता है। पिछले कुछ दिनों में सामने आए पांच मामलों ने इस हकीकत को और स्पष्ट किया है।
इन वारदातों में नशा कनेक्शन
मुहाना इलाके में बाइक स्नैचिंग की वारदात में पकड़े गए दो युवकों ने पूछताछ में कबूला कि वे स्मैक के आदी हैं और नशे के लिए ही लूट करते थे। बिंदायका थाना क्षेत्र में प्लॉट की ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी भी नशे का आदी निकला और इसी की वजह से वह अपराध की राह पर चल पड़ा। जवाहर सर्किल क्षेत्र में पकड़े गए संदिग्धों में से कई युवक शराब और अन्य नशीले पदाथार्ें के आदि पाए गए, जो चोरी और झगड़ों में शामिल थे। आमेर में विदेशी महिला से छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार आरोपी शराब के नशे में धुत्त थे। जयसिंहपुरा खोर में सिलेंडर चोरी करने वाले आरोपी ने भी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी का आसान रास्ता अपनाया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि सामाजिक चिंता का विषय बन चुका है।
जागरूकता के लिए चला रहे अभियान
नशे की रोकथाम के लिए जयपुर पुलिस प्लानिंग से काम कर रही है। इसको लेकर नोट टू ड्रग्स वॉकअप जयपुर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें युवाओं को नशे से दूर रहने और इसकी हानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
-ओमप्रकाश, विशेष पुलिस आयुक्त।

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