अक्षय तृतीया पर गूंजा आस्था का स्वर : भगवान आदिनाथ के जयकारों से गूंजे जिनालय, ईक्षु रस से अभिषेक
हजारों श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
अक्षय तृतीया पर जैन समाज ने प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) का प्रथम पारणा दिवस श्रद्धा से मनाया। शहर के 100 से अधिक दिगंबर जैन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा व पूजन। ईक्षु रस से विशेष अभिषेक आकर्षण। श्रद्धालुओं को ईक्षु रस पिलाया गया। मान्यता अनुसार, इसी दिन राजा श्रेयांस ने भगवान को प्रथम आहार कराया था।
जयपुर। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जैन धर्मावलंबियों ने प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के प्रथम पारणा दिवस मनाया।
शहरभर के 100 से अधिक दिगम्बर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया। मंदिरों में प्रात:काल पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद अष्टद्रव्य से पूजन किया, वहीं ईक्षु रस से भगवान आदिनाथ का विशेष अभिषेक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं को मंदिरों के बाहर ईक्षु रस पिलाया गया, जो दान और सेवा की परंपरा का प्रतीक है।
मान्यता है कि इसी दिन हस्तिनापुर में राजा श्रेयांस ने 13 माह की तपस्या के बाद भगवान आदिनाथ को प्रथम आहार कराया था।

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