मोतीडूंगरी मंदिर में विघ्न विनाशक का हुआ पंचामृत अभिषेक : नई पोशाक और सोने-चांदी से निर्मित, विशेष लहरिया मुकुट कराया धारण
दही, घी, बूरे और शहद का उपयोग
अक्षय तृतीया व परशुराम जयंती पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 101 किलो दूध से पंचामृत अभिषेक। गंगाजल, केवड़ा व गुलाब जल से स्नान के बाद विधि-विधान से पूजा। भगवान को फूल बंगले में सजाकर विशेष श्रृंगार में दर्शन कराए। प्रसाद में मीठे-नमकीन गेहूं के खीच का वितरण किया।
जयपुर। अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के मौके पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में भगवान का पंचामृत अभिषेक 101 किलो दूध के साथ हुआ , जिसमें दही, घी, बूरे और शहद का उपयोग। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि अभिषेक कार्यक्रम सुबह आठ बजे शुरू हुआ, सबसे पहले भगवान का गंगाजल, केवड़ा और गुलाब जल से स्नान कराया। इसके बाद विधिवत पंचामृत अभिषेक हुआ और अंत में पुन: गंगाजल से स्नान कराया गया।
विघ्न विनाशक को आकर्षक फू ल बंगला में विराजित किया जहां से भगवान गणेश नेविशेष श्रृंगार में भक्तों को दर्शन दिए। भोग के रूप में नमकीन और मीठे गेहूं के खीच का प्रसाद के रूप में वितरण किया।

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