चिंतित करने वाले खुले नाले, जिम्मेदार विभागों की सुस्ती से बढ़ा खतरा
शिकायतें मिलने के बाद भी ढक्कन लगाने का काम धीमी गति से चल रहा है
शहर में खुले नाले और टूटी ड्रेनेज लाइनें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। कई इलाकों में बिना ढक्कन के सीवर चैंबर बच्चों और वाहन चालकों के लिए खतरा बने हैं, खासकर रात और बारिश में। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई धीमी है। निगम-जेडीए ने मरम्मत और ढक्कन लगाने का भरोसा दिया है।
जयपुर। शहर में खुले नालों और टूटी ड्रेनेज लाइनें चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। शहर के कई इलाकों में खुले पड़े नाले और सीवर चैंबर हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। शहर के बाहरी क्षेत्रों से लेकर विकसित कॉलोनियों तक कई स्थानों पर नालों पर ढक्कन तक नहीं हैं या फिर वे टूट चुके हैं। बरसात से पहले सफाई और सुरक्षा इंतजामों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय और बारिश के दौरान इन खुले नालों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे बच्चों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद भी ढक्कन लगाने का काम धीमी गति से चल रहा है।
नगर निगम और जेडीए अधिकारियों का कहना है कि खुले नालों और क्षतिग्रस्त चैंबरों की सूची तैयार कराई जा रही है तथा संबंधित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर ढक्कन लगाए और मरम्मत करवाए जाएंगे। अधिकारियों ने आमजन से भी खतरनाक स्थानों की सूचना तत्काल देने की अपील की है जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।

Comment List