फुलेरा दूज 19 फरवरी को : विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त, रिकॉर्ड तोड़ शादियों की तैयारी
यह तिथि भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मिलन तथा फूलों की होली से जुड़ी
फुलेरा दूज इस वर्ष 19 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा के फूलों से होली खेलने से जुड़ा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार यह अबूझ मुहूर्त है, इसलिए विवाह और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। उत्तर भारत में होली की तैयारियां भी इसी दिन आरंभ होती हैं।
जयपुर। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर मनाया जाने वाला फुलेरा दूज पर्व इस वर्ष 19 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि 18 फरवरी को दोपहर 4:57 बजे से आरंभ होकर 19 फरवरी को दोपहर 3:58 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 19 फरवरी को पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए इस दिन विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्य बिना विशेष मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं। यही कारण है कि इस दिन बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह तिथि भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मिलन तथा फूलों की होली से जुड़ी है। कहा जाता है कि इसी दिन श्रीकृष्ण ने राधा के साथ फूलों से होली खेली थी, जिससे यह पर्व प्रेम और उल्लास का प्रतीक बन गया। ब्रज क्षेत्र में इस अवसर पर मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है तथा श्रीकृष्ण को विशेष भोग अर्पित किया जाता है, जिसमें पोहा प्रमुख होता है।
फुलेरा दूज से ही होली की तैयारियां भी आरंभ हो जाती हैं। उत्तर भारत के कई गांवों में होलिका स्थल पर प्रतीकात्मक रूप से लकड़ी या उपले रखे जाते हैं और महिलाएं गोबर से गुलरियां बनाना शुरू करती हैं, जिन्हें होलिका दहन के दिन अग्नि में अर्पित किया जाता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह दिन दांपत्य जीवन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विवाह करने वाले युगलों पर भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद बना रहता है। सर्दी के बाद शादियों के सीजन का यह अंतिम प्रमुख दिन होने से इस बार भी रिकॉर्ड तोड़ शादियों की संभावना जताई जा रही है।

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