गर्मी में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी, 105 करोड़ से अधिक राशि स्वीकृत
विभागों को पहले से ही तैयारियां करने के निर्देश
प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम। इसके तहत 41 जिलों में 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक आवश्यकतानुसार जल परिवहन के लिए शहरी क्षेत्रों हेतु 23 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 82.37 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी।
जयपुर। प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके तहत 41 जिलों में 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक आवश्यकतानुसार जल परिवहन के लिए शहरी क्षेत्रों हेतु 23 करोड़ रुपए तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 82.37 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। सरकार का उद्देश्य गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट से प्रभावी ढंग से निपटना और जनता को नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को पहले से ही तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
किराए के वाहन और श्रमिकों की भी व्यवस्था पेयजल आपूर्ति की सतत मॉनिटरिंग एवं संचालन के लिए सरकार ने विभिन्न अवधियों के लिए श्रमिकों और किराए के वाहनों की स्वीकृति भी प्रदान की है। 1 मार्च से 31 मार्च 2026 तक 500 श्रमिक प्रति माह और 100 किराए के वाहन प्रति माह की अनुमति दी गई है। इसी क्रम में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक 2000 श्रमिक प्रति माह और 400 किराए के वाहन प्रति माह, जबकि 1 मई से 31 जुलाई 2026 तक 2500 श्रमिक प्रति माह और 450 किराए के वाहन प्रति माह की स्वीकृति जारी की गई है। सरकार के इन कदमों से गर्मी के मौसम में प्रदेशवासियों को पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।

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