दिल्ली में छाई राजस्थान की फड़-पिछवाई कला : बीकानेर हाउस में सेक्रेड एस्थेटिक्स प्रदर्शनी ने लूटा दिल परंपरा और आधुनिकता का संगम, कला प्रेमियों को मिला सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत अनुभव
समकालीन कला के रूप में देखने का नया दृष्टिकोण
सेक्रेड एस्थेटिक्स शीर्षक से आयोजित विशेष कला प्रदर्शनी में राजस्थान की पारंपरिक फड़ और पिछवाई चित्रकला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध। जयपुर के रूफटॉप की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी ने देश की समृद्ध कलात्मक विरासत को एक नए आयाम में प्रस्तुत।
जयपुर। दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में इंडियार्ट : सेक्रेड एस्थेटिक्स शीर्षक से आयोजित विशेष कला प्रदर्शनी में राजस्थान की पारंपरिक फड़ और पिछवाई चित्रकला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जयपुर के रूफटॉप की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी ने देश की समृद्ध कलात्मक विरासत को एक नए आयाम में प्रस्तुत किया। रूफटॉप के संस्थापक कार्तिक गग्गर ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रसिद्ध फड़ कलाकार प्रकाश जोशी और पिछवाई कलाकार मुकुट जोशी की उत्कृष्ट कृतियों को प्रदर्शित किया गया। इसमें प्रकाश जोशी की 17 और मुकुट जोशी की 13 कलाकृतियां शामिल रहीं, जो इन पारंपरिक कलाओं की गहराई, आध्यात्मिकता और सौंदर्य को दर्शाती हैं।
फड़ चित्रकला, जो प्राचीन समय से धार्मिक कथाओं के दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण के रूप में जानी जाती है, आज भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। वहीं पिछवाई कला अपनी सूक्ष्मता, भव्यता और आध्यात्मिक प्रतीकों के लिए प्रसिद्ध है। दोनों कलाकार जोशी वंश से संबंध रखते हैं, जो पीढ़ियों से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इस प्रदर्शनी ने इन कलाओं को केवल धार्मिक संदर्भों तक सीमित न रखते हुए उन्हें सांस्कृतिक धरोहर और समकालीन कला के रूप में देखने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

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