राजसखी मेला : शिल्प, हस्तकला और स्वदेशी उत्पादों का आकर्षण, लोगों की उमड़ी भीड़ से माहौल दिखा उत्सवी
स्कूली बच्चों ने किया मेले का भ्रमण
सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में वीकेंड के बाद भी उत्साह और चहल-पहल कम नहीं हुई। मेले के पांचवें दिन सोमवार को मेला परिसर में भीड़ देखने को मिली। शिल्प, हस्तकला और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि ने मेले को एक जीवंत उत्सव का रूप दे दिया।
जयपुर। सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025 में वीकेंड के बाद भी उत्साह और चहल-पहल कम नहीं हुई। मेले के पांचवें दिन सोमवार को मेला परिसर में भीड़ देखने को मिली। शिल्प, हस्तकला और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि ने मेले को एक जीवंत उत्सव का रूप दे दिया। परिवारों के साथ आए दर्शकों ने विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों की ओर से निर्मित उत्पादों की सराहना की और स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों की खरीदारी की।
स्कूली बच्चों ने किया मेले का भ्रमण
टाइनी टॉट्स इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने भी मेले का भ्रमण किया। बच्चों ने महिला उद्यमिता, ग्रामीण आजीविका और स्वदेशी उत्पादों को नजदीक से समझा, जो उनके लिए आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण शैक्षिक अनुभव रहा।
कार्यशाला में दिया मार्ग दर्शन
राजीविका की ओर से कमला पोद्दार ग्रुप के सहयोग से एक विशेष उत्पाद संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एसएचजी महिलाओं को डिजाइन नवाचार, गुणवत्ता सुधार और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने संबंधी व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। जूट उत्पादों पर आधुनिक प्रिंट, पेंटिंग तकनीकों और पारंपरिक कला को लेकर जानकारी दी।

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