सहकारी बैंकों पर RBI सख्त : नए लाइसेंस के लिए कड़े नियम, बीमा सेवाओं में उतरने की तैयारी
अब बीमा सेवाएं देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सहकारी बैंक खोलने के नियम सख्त किए। अब न्यूनतम पूंजी, कम NPA और नियमित ऑडिट अनिवार्य। नाबार्ड आकलन करेगा। बैंक बीमा सेवाएं भी दे सकेंगे, जिसके लिए आईआरडीएआई लाइसेंस जरूरी।
जयपुर। सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और वित्तीय मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई ने नए सहकारी बैंक खोलने के नियमों को सख्त कर दिया है। अब लाइसेंस प्राप्त करने के लिए न्यूनतम पूंजी, मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर संचालन प्रणाली अनिवार्य होगी। लाइसेंस के लिए कड़े मानदंड RBI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सहकारी बैंकों को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) का स्तर कम रखना होगा और नियमित ऑडिट कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही National Bank for Agriculture and Rural Development (नाबार्ड) बैंक की कार्यक्षमता, प्रबंधन और संचालन मॉडल का आकलन करेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर जिलों में नए बैंक खोलना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सरकार चरणबद्ध तरीके से विस्तार की रणनीति अपनाने पर विचार कर रही है।
बीमा व्यवसाय में उतरने की तैयारी वहीं, सहकारी बैंक अब बीमा सेवाएं देने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं। नियमों में बदलाव के बाद बैंकों को बीमा एजेंट के रूप में काम करने की अनुमति दी गई है, जिससे वे फसल, जीवन और सामान्य बीमा योजनाएं ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे। तकनीकी और अनुपालन चुनौतियां बीमा क्षेत्र में प्रवेश के लिए बैंकों को Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) से कॉर्पोरेट एजेंसी लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा, प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति, डिजिटल सिस्टम का विकास और ग्राहक डेटा सुरक्षा को मजबूत करना भी जरूरी होगा।

Comment List