झुलसा रही गर्मी : हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा, अस्पतालों में गर्मी जनित बीमारियों के मरीजों की बढ़ी संख्या
सूती कपड़े पहनें व बच्चों का विशेष ध्यान रखें
जयपुर में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। अस्पतालों में गर्मी जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही।
जयपुर। राजधानी जयपुर में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अस्पतालों में गर्मी जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में हीट वेव और हीट स्ट्रोक के मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्या है हीट वेव और हीट स्ट्रोक? हीट वेव (लू): जब तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है और तेज गर्म हवाएं चलती हैं, तो उसे हीट वेव कहा जाता है।
हीट स्ट्रोक: जब शरीर का तापमान 40°C या उससे अधिक हो जाए और शरीर ठंडा करने की क्षमता खो दे, तो यह हीट स्ट्रोक कहलाता है। यह जानलेवा भी हो सकता है।
मुख्य लक्षण: तेज बुखार जैसा महसूस होना चक्कर आना या बेहोशी उल्टी या सिर दर्द अत्यधिक प्यास लगना त्वचा का लाल और सूखा होना
गर्मी से बचने के आसान उपाय: दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें घर से निकलते समय सिर ढककर रखें दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें ओआरएस, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें हल्के और सूती कपड़े पहनें व बच्चों का विशेष ध्यान रखें।

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