अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर हादसे का रंग : सड़क हादसे की यह खामोश कहानी, बर्फ का भ्रम
हादसों के निशान समय से पहले नहीं मिटते है
फिसलन भरी चमक, ठंडी आभा और सफेदी का फैलाव, सब अचरज भरा एहसास कराता है। बहरहाल यह खूबसूरती नहीं, एक चेतावनी है, जो बताती है कि हादसों के निशान समय से पहले नहीं मिटते है।
जयपुर। यह न बर्फ है, न जमी हुई ओस। अजमेर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे पर कुछ दिन पहले हुए सड़क हादसे की यह खामोश कहानी है। दुर्घटना में ट्रक से गिरे सफेद रंग के डिब्बे सड़क पर बिखर गए थे और वही रंग हाईवे की सतह पर फैल गया। शुक्रवार को जयपुर में हुई बारिश ने इस रंग को ऐसा निखार दिया कि सड़क दूर से बर्फ से ढंकी हुई दिखने लगी।
दूर से देखने पर यह नजारा सर्द इलाकों जैसा लगता है, लेकिन करीब जाने पर यह हादसे की याद दिलाता है। यह दृश्य प्रकृति का करिश् मा नहीं बल्कि मानवीय लापरवाही का संकेत है। फिसलन भरी चमक, ठंडी आभा, सब अचरज भरा एहसास कराता है। बहरहाल यह खूबसूरती नहीं, एक चेतावनी है, जो बताती है कि हादसों के निशान समय से पहले नहीं मिटते है।

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