राजस्थान में बोर्ड फेल छात्रों के लिए बड़ी राहत : सरकार ने की ऑन डिमांड एग्जाम शुरू करने की तैयारी, शिक्षा विभाग करेगी इसकी शुरुआत
योजना को मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी मिल चुकी
राजस्थान सरकार ने 10वीं और 12वीं बोर्ड में फेल होने वाले छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने 10वीं और 12वीं बोर्ड में फेल होने वाले छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ऑन डिमांड एग्जाम कॉन्सेप्ट के तहत विद्यार्थियों का साल बर्बाद किए बिना फिर से परीक्षा देकर अगली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। इस योजना को मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी मिल चुकी है और शिक्षा विभाग 1 जुलाई से इसकी शुरुआत करने की तैयारी में है। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल इसके लिए गाइडलाइन तैयार कर रहा है। यह परीक्षा तभी आयोजित होगी, जब एक विषय में कम से कम 10 छात्र आवेदन करेंगे।
छात्रों को साल में चार बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जयपुर, बीकानेर और उदयपुर में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, जहां एक दिन में एक विषय के अधिकतम 50 छात्र परीक्षा दे सकेंगे। इस योजना के तहत ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट की सुविधा भी दी जाएगी। यानी छात्र पास किए गए दो विषयों के अंक ट्रांसफर करा सकेंगे और उन विषयों का दोबारा एग्जाम नहीं देना होगा। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र तैयार होगा और छात्रों को परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिका या प्रश्न पत्र घर नहीं ले जाने दिया जाएगा।
पंजीकरण, प्रायोगिक और अन्य विषयों की परीक्षा के लिए शुल्क भी तय किया जाएगा। संभावित रूप से प्रति विषय 600 रुपए रजिस्ट्रेशन, 200 रुपए प्रायोगिक, 100 रुपए टीओसी और 600 रुपए अतिरिक्त विषय शुल्क लिया जा सकता है।
Comment List