राज्य कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की होगी पुनः गहन जांच, वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश
अनियमित वेतन निर्धारण के कारण अधिक भुगतान की स्थिति
वित्त विभाग ने राज्य कर्मचारियों के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारणों की पुनः गहन जांच करने के निर्देश जारी किए। विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयों को परिपत्र जारी कर नियम विरुद्ध वेतन निर्धारणों पर सख्ती बरतने को कहा।
जयपुर। वित्त विभाग (नियम अनुभाग) ने राज्य कर्मचारियों के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारणों की पुनः गहन जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयों को परिपत्र जारी कर नियम विरुद्ध वेतन निर्धारणों पर सख्ती बरतने को कहा है। वित्त विभाग ने अपने परिपत्र में कहा है कि पूर्व में 20 अप्रैल 2017, 5 सितम्बर 2017 और 4 सितम्बर 2025 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई मामलों में वेतन निर्धारणों की समुचित और नियमसम्मत जांच नहीं होने के कारण अनियमित अथवा अधिक भुगतान के प्रकरण सामने आ रहे हैं।
परिपत्र के अनुसार विभागों को अपने कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी तथा एमएसीपी आदि से संबंधित सभी वेतन निर्धारणों की सेवा अभिलेखों के आधार पर पुनः विस्तृत जांच करनी होगी। साथ ही इनकी विभाग के वरिष्ठतम लेखाधिकारी से पुष्टि भी करानी होगी। यदि पुनः परीक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो उसे तत्काल संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अनियमित वेतन निर्धारण के कारण अधिक भुगतान की स्थिति नहीं बने। वित्त विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जुलाई 2020 के वेतन बिलों में कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की पूर्ण जांच किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र भी अंकित किया जाए।

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