जल संरक्षण केवल जरूरत नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी भी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल में जल बचाने की शपथ
स्वच्छ रखेंगे और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देंगे
जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में मंगलवार को 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' के तीसरे दिन 'जल बचाओ' थीम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। अधिकारियों और कर्मचारियों ने जल संरक्षण की शपथ लेकर पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया। मुख्य पर्यावरण अभियंता विष्णु दत्त पुरोहित ने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। रोजमर्रा के जीवन में पानी की बर्बादी रोककर भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। सहायक मुख्य पर्यावरण अभियंता भुवनेश माथुर ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने और गुणवत्ता बनाए रखने में मंडल की अहम भूमिका है।
उन्होंने अपशिष्ट जल के उचित उपचार और पर्यावरणीय नियमों के पालन पर जोर दिया। वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता विजय शर्मा ने वर्षा जल संचयन, जल के पुनः उपयोग और दैनिक कामकाज में जल दक्षता अपनाने जैसे व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि घरों, दफ्तरों और औद्योगिक इकाइयों में जिम्मेदार व्यवहार से संरक्षण प्रयास प्रभावी बन सकते हैं। कार्यक्रम में 'मिशन लाइफ' के तहत सभी को शपथ दिलाई गई कि वे पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करेंगे, जल स्रोतों को स्वच्छ रखेंगे और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देंगे।

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