दुनिया के सबसे बड़े ड्रग लॉडर्स, जो अमेरिका से भी नहीं हुए कंट्रोल: पाब्लो एस्कोबार से एल मेंचो तक, दशकों से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं ड्रग लॉर्ड?
वैश्विक ड्रग नेटवर्क: 'एल मेंचो' की मौत और दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग लॉर्ड्स
मेक्सिको के कुख्यात माफिया 'एल मेंचो' के खात्मे ने वैश्विक ड्रग नेटवर्क को हिला दिया है। पाब्लो एस्कोबार से लेकर एल चापो तक, इन ड्रग लॉर्ड्स ने अरबों डॉलर के अवैध साम्राज्य खड़े किए।
जयपुर । दुनिया भर में ड्रग माफिया का नेटवर्क दशकों से कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कोलंबिया से मेक्सिको और अमेरिका तक फैले इन गिरोहों ने अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से अरबों डॉलर की काली कमाई की। कई बार इनकी ताकत इतनी बढ़ गई कि सरकारों और यहां तक कि महाशक्ति अमेरिका को भी सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। मेक्सिको के सबसे बड़े ड्रग माफिया एल मेंचो को वहां की सिक्योरिटी फोर्स ने मौत के घाट उतार दिया है। ऐसे में इस कार्रवाई ने सबका ध्यान खींचा है। एल मेंचो अकेला ड्रग माफिया नहीं है जो इतनी सुर्खियां बटोर रहा। हम बताने जा रहे दुनिया के टॉप ड्रग लॉर्ड्स के बारे में, जिन्होंने अपने कारनामों में चर्चा बटोरीं।
ड्रग लॉर्ड कौन होता है
सबसे पहले जानिए ड्रग लॉर्ड क्या होते हैं। ऐसा बॉस होता है जो ड्रग तस्करी नेटवर्क, संगठन का प्रभारी होता है। जब स्वतंत्र ड्रग लॉडर््स का एक समूह अपने मुनाफे को बढ़ाने और अवैध ड्रग व्यापार पर हावी होने के लिए एक दूसरे के साथ मिलीभगत करता है, तो वे एक संगठन बनाते हैं जिसे ड्रग कार्टेल कहा जाता है।
अवैध ड्रग व्यापार की प्रक्रिया आमतौर पर 4 चरणों में चलती है
उत्पादन: अफीम, कोका पौधे या सिंथेटिक लैब्स में निर्माण।
तस्करी: सीमा पार गुप्त मार्गों, समुद्री रास्तों, हवाई कार्गो या सुरंगों के जरिए सप्लाई।
वितरण नेटवर्क: स्थानीय गिरोहों और गैंग के माध्यम से थोक और खुदरा बिक्री।
मनी लॉन्ड्रिंग: अवैध कमाई को वैध व्यवसायों में निवेश कर सफेद धन में बदलना।
पाब्लो एक्सोबार
कार्टेल: मेडेलिन कार्टेल
समयकाल: 1970-1993
खासियत: 1980 के दशक में दुनिया की लगभग 80% कोकीन सप्लाई पर नियंत्रण।
संपत्ति: अनुमानित 25-30 अरब डॉलर।
रणनीति: राजनेताओं को रिश्वत, विरोधियों की हत्या, बम धमाके।
अंत: 2 दिसंबर 1993 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
पाब्लो एस्कोबार का जन्म 1 दिसंबर 1949 में हुआ था। 1989 में, फोर्ब्स पत्रिका ने एस्कोबार को दुनिया का सातवां सबसे अमीर आदमी घोषित किया। इसकी अनुमानित निजी संपत्ति 30 अरब अमेरिकी डॉलर थी। 1986 में, उसने कोलंबियाई राजनीति में एंट्री का प्रयास किया।
एल चापो
कार्टेल: सिनालोआ कार्टेल
जन्म: 1957
खासियत: सुरंगों और समुद्री मार्गों से ड्रग तस्करी।
जेल ब्रेक: 2001 और 2015 में हाई-सिक्योरिटी जेल से फरार।
समय काल : 1988 के बाद का समय
सबसे पहले बात दुनिया के सबसे खतरनाक शातिर ड्रग माफिया की, जिसने जेल में रहकर अपनी दहशत फैलाई। जोआक्किन आर्किवाल्डो एल चापो जिसे दुनिया ड्रग लॉर्ड के नाम से जानती है। मेक्सिको के प्रांत सिनालोआ में 4 अप्रैल 1957 को एल चापो का जन्म हुआ। पिता गांजे और अफीम की खेती करते थे, यानी पैदा होने के साथ ही ड्रग से इसका नाता था। एल चापो भी अपने पिता के साथ खेती में काम करता।
ड्रग डीलर अमाडो कैरिलो
जन्म : 1956 में
उपनाम: लॉर्ड ऑफ द स्काईज
कार्टेल: जुआरेज कार्टेल
खासियत: जेट विमानों से कोकीन तस्करी।
संपत्ति: 20-25 अरब डॉलर अनुमानित।
अंत: 1997 में प्लास्टिक सर्जरी के दौरान मौत।
उसने ड्रग कारोबार से 25 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की। उसे आसमान का स्वामी कहा जाता था क्योंकि वह कोलंबियाई कोकीन को मेक्सिको के विभिन्न हवाई अड्डों तक पहुंचाने के लिए जेट विमानों का इस्तेमाल करता था।
ओसिएल काडेर्नास गुइलेन
कार्टेल: गल्फ कार्टेल
खास कदम: लॉस जेटास नामक सशस्त्र विंग का गठन।
गिरफ्तारी: 2003, बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित।
प्रभाव: कार्टेल को अर्धसैनिक ताकत में बदला।
ओसिएल काडेर्नास गुइलेन का जन्म 18 मई 1967 में हुआ। वह भी मैक्सिको का बड़ा ड्रग लॉर्ड बना। गुइलेन ने मैक्सिकन सेना की विशेष फोर्स यूनिट के कुछ सदस्यों को अपने साथ मिलाकर कार्टेल की सशस्त्र शाखा का गठन किया। 1999 में, गुइलेन और गल्फ कार्टेल के बंदूकधारियों ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा संभाला। इसी के बाद इस कार्टेल पर एक्शन शुरू हुआ।
जॉर्ज अल्बर्टो रोड्रिगेज
कार्टेल: कैली कार्टेल
खासियत: कम हिंसा, ज्यादा रिश्वत और राजनीतिक घुसपैठ।
मौत: 2022 में जेल में।
जन्म अर्जेंटीना में हुआ था और वह प्यूर्टो रिको और कोलंबिया मूल का था। वह कैली कार्टेल के एक भंग हो चुके सीक्रेट गैंग, 400 आपराधिक संगठन का मुखिया था। 12 साल की उम्र में वो ड्रग्स के धंधे में उतरा। 14 साल की उम्र में उसने घर छोड़ दिया, छह साल के भीतर ही रोड्रिगेज ने कोलंबिया से अमेरिका के लगभग हर राज्य में ड्रग्स की तस्करी करके 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति जमा कर ली थी। उसे 6 जुलाई, 1990 को फ्लोरिडा के टल्लाहस्सी में गिरफ्तार किया गया।
मेक्सिको
कार्टेल: जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (उखठॠ)
खासियत: फेंटेनिल और सिंथेटिक ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क।
ताकत: अत्याधुनिक हथियारों से लैस गिरोह।
स्थिति: लंबे समय तक अमेरिका की मोस्ट वांटेड सूची में।
कोलंबिया
कार्टेल: कैली कार्टेल
खासियत: कम हिंसा, ज्यादा रिश्वत और राजनीतिक घुसपैठ।
गिरफ्तारी: 1995, बाद में अमेरिका भेजा गया।
मौत: 2022 में जेल में।
कोलंबिया/अमेरिका
उपनाम: कोकीन गॉडमदर
नेटवर्क: मियामी ड्रग युद्धों में सक्रिय।
खासियत: महिला ड्रग डॉन के रूप में बदनाम।
अंत: 2012 में हत्या।
अमेरिका
खासियत: वियतनाम युद्ध के दौरान गोल्डन ट्रायंगल से हेरोइन आयात।
रणनीति: बिचौलियों को हटाकर सीधे सप्लाई।
सजा: 1976 में गिरफ्तार, बाद में सजा कम हुई।
मेक्सिको
कार्टेल: ग्वाडालाजारा कार्टेल
मामला: अमेरिकी ऊएअ एजेंट की हत्या में शामिल।
गिरफ्तारी: 1985, 2013 में रिहा, फिर 2022 में दोबारा गिरफ्तार।
म्यामार/थाईलैंड
क्षेत्र: गोल्डन ट्रायंगल
खासियत: 1970-80 के दशक में दुनिया की बड़ी अफीम सप्लाई।
स्थिति: 1996 में आत्मसमर्पण, 2007 में मृत्यु।
भारत के लिए क्या सबक ?
ड्रग्स का अवैध व्यापार सिर्फ लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं है। एशिया में गोल्डन क्रेसेंट (अफगानिस्तान-पाकिस्तान-ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार-लाओस-थाईलैंड) भी बड़े स्रोत रहे हैं। भारत में भी सीमावर्ती राज्यों में तस्करी के मामले सामने आते हैं। एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय होने से चुनौती बड़ी है।
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