निवेश धोखाधड़ी मामला: ईडी ने बैंकों को वापस लौटाई 20.21 करोड़ की संपत्ति, पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थी संपत्ति
ईडी ने बैंकों को लौटाई 20.21 करोड़ की संपत्तियां
ईडी ने धोखाधड़ी मामले में कुर्क की गई 20.21 करोड़ रुपये की छह अचल संपत्तियां स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को वापस कीं।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को 20.21 करोड़ रुपये मूल्य की छह कुर्क की गई अचल संपत्तियां वापस कर दी हैं। ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि ये संपत्तियां मेसर्स नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और उसके निदेशक नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा के खिलाफ निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन जांच के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थीं।
कुर्क की गई अचल संपत्तियों में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को अदालत ने वापस करने का आदेश दिया था। ईडी ने नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा, उनकी कंपनी नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और अन्य के खिलाफ निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के लिए पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की थी।
जांच से पता चला कि नीरज अरोड़ा ने संपत्ति आवंटित करने के बहाने बड़ी संख्या में निर्दोष निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली थी। यह पाया गया कि उसके द्वारा खरीदी गई संपत्तियां निवेशकों से एकत्र किए गए धन का उपयोग करके पंजीकृत की गई थीं, जबकि उन्हें न तो भूमि का आवंटन किया गया और न ही उनका पैसा वापस किया गया।
नीरज अरोड़ा, नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और इसकी समूह कंपनियों के कई बैंक खातों में निवेशकों का पैसा जमा पाया गया, जिसका उपयोग बाद में संपत्तियों की खरीद और व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया गया।
जांच के दौरान, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में स्थित बैंक बैलेंस और कृषि एवं वाणिज्यिक भूमि सहित लगभग 46.02 करोड़ रुपये की संपत्ति की अस्थायी कुर्की की गई थी। पीएमएलए के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने बाद में इस कुर्की की पुष्टि कर दी थी। ईडी ने अरोड़ा को 2024 में गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ दो अभियोजन शिकायत दाखिल की गयी हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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