लापरवाही : 2 साल बाद भी 5 छात्राओं को नहीं मिली 10 वीं की अंक तालिका, भविष्य अधर में

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मिश्रोली का है मामला: परिजनों ने विद्यालय पर ताला जड़ने की दी चेतावनी

लापरवाही : 2 साल बाद भी 5 छात्राओं को नहीं मिली 10 वीं की अंक तालिका, भविष्य अधर में
मिश्रोली विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन कर पास हुई 5 बालिकाओं का भविष्य विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते अधर में है। इन छात्राओं को दो साल बाद भी 10 वीं की अंकतालिका नहीं मिली है।

मिश्रोली । मिश्रोली विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन कर पास हुई 5 बालिकाओं का भविष्य विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते अधर में है। इन छात्राओं को दो साल बाद भी 10 वीं की अंकतालिका नहीं मिली है। इसके चलते अभिभावकों में रोष है और नाराज परिजनों ने स्कूल पर ताला जड़ने की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार ज्योति गुर्जर पुत्री कैलाशचंद्र गुर्जर, मनीषा पुत्री बालाराम गुर्जर, सानिया बी पुत्री मुबारिक, शिवानी पुत्री जगदीश मेघवाल और तब्बसुम पुत्री अनवर हुसैन को दो साल बाद भी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते दसवीं की अंकतालिका नहीं मिल पाई है। मिश्रौली निवासी छात्रा ज्योति गुर्जर ने बताया कि उसने चार सहपाठियों के साथ सन 2020-21 सितंबर को में कक्षा दसवीं के व्यवसायिक शिक्षा में ब्यूटी एंड वैलनेस विषय की सप्लीमेंट्री प्रायोगिक परीक्षा दी थी जिसका परीक्षा परिणाम अजमेर बोर्ड द्वारा 2 साल बाद तक भी जारी नहीं किया गया। वहीं स्थानीय विद्यालय में बालिकाओं का अध्ययन जारी रखते हुए बालिकाओं ने 12वीं कक्षा भी पास कर ली लेकिन वही जब  बालिकाएं आगे अध्ययन करना व प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेना चाहती है तो हर जगह उनसे दसवीं कक्षा की अंक तालिका मांगी जा रही है, जिसके लिए बालिकाओं व उनके परिजनों द्वारा कई बार विद्यालय के चक्कर काटे जा चुके हैं। विद्यालय द्वारा कई बार आश्वासन देने के बाद आखिर में विद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार बोर्ड से पत्राचार भी किए गए। वही बालिका के परिजन जब बोर्ड कार्यालय अजमेर गए थे उन्हें डाटा नहीं मिलने की बात कह कर टाल दिया गया जिसके चलते उन्हें निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। जिस पर प्रधानाचार्य के मामला संज्ञान में आने पर विद्यालय से प्रतिनिधि के तौर पर व्याख्याता को अजमेर बोर्ड भेजा गया।
 
जहां से भी कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। जिस पर बालिकाओं के परिजनों ने परेशान होकर एक माह के भीतर अंक तालिका प्राप्त नहीं होने पर स्कूल पर ताला जड़ने और आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। वही संपूर्ण घटनाक्रम में विद्यालय की लापरवाही सामने आया। जहां विद्यालय के नवीन प्रधानाचार्य लाखन शर्मा द्वारा मई 2021 में पदभार ग्रहण किया गया किंतु इससे  पूर्व 29 नवम्बर 2020 में विद्यालय से संबंधित अवार्ड सीट एव पेक्ट्रिकल री असाइमेंट  बोर्ड आॅफ  सेकंडरी एजुकेशन राजस्थान पत्राचार में भी प्रधानाचार्य प्रभुलाल के स्थान पर लाखन शर्मा के हस्ताक्षर देखने को मिले। वही पिछले 2 वर्षों से बिना प्रधानाचार्य के संज्ञान में मामला आये ही विद्यालय प्रशासन द्वारा अजमेर बोर्ड से अंक तालिकाओं के संबंध में पत्राचार किया जा रहा था। जहां एक ओर तो विद्यालय प्रशासन की लापरवाही बालिकाओं के भविष्य पर भारी पड़ रही है वहीं यह लापरवाही तो विद्यालय की कार्यप्रणाली का एक छोटा सा नमूना मात्र है, जहां इसके साथ ही विद्यालय के दस्तावेजों में भी गड़बडी देखने को मिल रही है।

पीड़ित छात्रा और परिजनों की पीड़ा
बालिका ज्योति गुर्जर ने बताया कि उसने कई बार परीक्षा प्रभारी और प्रधानाचार्य से रिजल्ट के बारे में पूछा तो बताया कि आ जाएगा, प्रोसेस में है। उसके बाद 2021 लास्ट में पूछने पर विद्यालय प्रभारी  द्वारा विद्यालय के लेटर पेड पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के नाम परिणाम जारी करने के सम्बन्ध में लेटर लिखकर मुझे दिया जिसे मेरा भाई दुर्गा लाल गुर्जर सहित हम अजमेर जाकर आये जिस पर बोर्ड स्टाफ द्वारा लेटर पर मोहर लगाकर दे दिया। उसके बाद भी आठ महीने गुजर जाने पर भी कोई रिजल्ट नही मिला और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। 2साल से अंकतालिका नहीं मिलने आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रही है। भाई दुर्गा लाल गुर्जर ने बताया कि मैं बहन को लेकर गया था। जहां बोर्ड अजमेर स्टाफ ने कंप्यूटर फाइल में खोजकर देखा तो नही मिला। वहां बोला कि इसका डाटा तो नही मिल रहा है लेकिन स्टाफ को आने के बाद दिखवाते है। आप जाओ विद्यालय में अंकतालिका भेज दी जाएगी। अजमेर से भी हमें खाली हाथ निराशा लौटना पड़ा। मेरी बहिन का परीक्षा परिणाम दो साल बाद भी बोर्ड द्वारा अभी तक जारी नही हुआ या  विद्यालय प्रभारी द्वारा संतुष्टि भरी कार्रवाही नही की गई जबकि बालिकाएं प्रायोगिक परीक्षा में उत्तीर्ण है जिसके सभी दस्तावेज हमारे पास है। उसके आधार पर ही मेरी बहिन ने ग्यारवीं बाहरवीं कक्षा उत्तीर्ण की है। विद्यालय प्रभारी लाखन शर्मा से हार्ड कॉपी को लेकर बात करने  पर हमे गुमराह किया जा रहा है।

इनका कहना है
 मेरा 1 वर्ष पूर्व ही विद्यालय में पदस्थापन हुआ है, जिसके चलते मामला उनके संज्ञान में नहीं आ पाया। मामले के संज्ञान में आते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बोर्ड से अंक तालिका अथवा किसी प्रकार की जानकारी आने पर बालिका को सूचित कर दिया जाएगा।
-लाखन शर्मा, प्रधानाचार्य, मिश्रोली विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय

पिछले 2 वर्षों में कोरोना काल में विद्यार्थियों के प्रमोट होने के चलते विद्यालय प्रशासन को अंक तालिकाओं के संबंध में गलतफहमी हुई। जिसके बाद भी विद्यालय प्रशासन द्वारा लापरवाही दिखाते हुए इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते हैं मामला अधर में लटका रहा किंतु  अभी 15 दिन पहले परिजन ने आकर मामला बताया। तभी से शिक्षा विभाग के मामला संज्ञान में आते ही इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले को लेकर विद्यालय स्टाफ संतोष कुमार दस्तावेज के साथ  अजमेर बोर्ड भिजवाया गया है। इससे पहले मामला हमारे संज्ञान में नही था। जल्द ही कार्रवाई कर शीघ्र ही बालिकाओं को अंक तालिका दिलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वही विद्यालय प्रशासन की ओर से यदि कोई गलती सामने आती है तो उन पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
-कल्याणमल मेघवाल, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी 

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