जोधपुर सेंट्रल जेल का मामला : हार्डकोर बंदियों की कढ़ी-पूड़ी पार्टी का वीडियो वायरल, जेल प्रशासन में खलबली
जेल में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित
जोधपुर। सेंट्रल जेल में हार्डकोर अपराधियों व बंदियों की कड़ी-पूड़ी पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से जेल प्रशासन में खलबली मच गई है। करीब 40 सेकंड के इस वीडियो में जेल के वार्ड-7 स्थित बैरक नंबर तीन में बंदी बेफिक्र अंदाज में पूड़ी बेलते और कड़ाही में तलते नजर आ रहे है। पार्टी के दौरान बंदियों के बीच हंसी-मजाक और बातचीत का दौर भी चलता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जेल जैसे प्रतिबंधित व सुरक्षा चक्र वाले परिसर में मोबाइल फोन पहुंचा कैसे और वहां से बनाया गया वीडियो करीब एक साल बाद सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा इसे लेकर मुख्यालय के निर्देश पर जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत पूरे मामले की जांच में जुट गए है।
वायरल वीडियो में माता का थान थाने का हिस्ट्रीशीटर राहुल कच्छावा, वसीम, मोबिन, चेतन सहित अन्य बंदी दिखाई दे रहे हैं। इनमें राहुल कच्छावा व अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से जोधपुर सेंट्रल जेल ट्रांसफ र होकर आया, बंदी इंसाफ भी शामिल है। वीडियो में एक तरफ बंदियों का समूह पूड़ी बेलता व कड़ाही में पूड़ियां तलता दिखाई देता है, जबकि पीछे पांच-सात बंदियों का दूसरा समूह बैठकर बातचीत करता नजर आता है। वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े हो गए है। जेल में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद बैरक के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किया गया। यदि वीडियो जेल के अंदर बनाया गया तो रिकॉर्डिंग के लिए मोबाइल किसके पास था, क्या बंदियों के पास मोबाइल पहुंचा था या किसी अन्य माध्यम से यह रिकॉर्डिंग हुई। इस दौरान बैरक में मौजूद अन्य बंदी हंसी.मजाक और बातचीत करते नजर आते है। करीब 40 सेकंड का यह वीडियो मंगलवार से सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा।
जेल अधिकारियों ने दी सफाई :
जेल अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो गत वर्ष का है। वीडियो जुलाई 2025 का बताया जा रहा है। उस समय माता का थान पुलिस ने जून 2025 में हिस्ट्रीशीटर राहुल कच्छावा सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल पर स्कॉर्पियो चढ़ाकर जान से मारने के प्रयास और राजकार्य में बाधा के मामले में गिरफ्तारी के बाद राहुल कच्छावा को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। वह इस वर्ष करीब पांच.छह माह पहले जमानत पर जेल से बाहर आया है। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर राहुल कच्छावा का नाम हाल ही में शहर में हुए गैंगवार के मामले में भी सामने आया। उसके खिलाफ करीब 22 अपराधिक प्रकरण दर्ज है।

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