रीको : राजस्थान में तीन निजी औद्योगिक पार्क के लिए 552 एकड़ भूमि होगी आवंटित

राज्य में निजी औद्योगिक पार्कों के विकास को मिलेगी गति

रीको : राजस्थान में तीन निजी औद्योगिक पार्क के लिए 552 एकड़ भूमि होगी आवंटित
राजस्थान में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत दौसा, बालोतरा और धौलपुर में करीब 552 एकड़ भूमि निजी औद्योगिक पार्कों के लिए आवंटित। ई-बिड में 14 निवेशकों ने भाग लिया। रीको को लगभग 200 करोड़ रुपये की आय होगी।

जयपुर। राजस्थान में निजी औद्योगिक पार्कों के विकास को गति देने तथा निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार की राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नीति के तहत मॉडल-ए में औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए निवेशकों का अच्छा रुझान देखने को मिला है। ई-बिड प्रक्रिया के बाद दौसा, बालोतरा और धौलपुर में लगभग 552 एकड़ भूमि निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए आवंटित किए जाने का रास्ता प्रशस्त हो गया है जिससे एक तरफ  रीको को लगभग 200 करोड़ रूपए की आय होगी वहीं इन निजी औद्योगिक पार्कों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए लैंड पार्सल प्राप्त करने के लिए निवेशकों से इस साल की 27 अगस्त से 8 सितंबर तक ईएमडी जमा कर आॅनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। ई-बिड प्रक्रिया में दौसा के राजाहेड़ा, गुड़ा आशीकपुरा एवं नूरपुर के लिए 7, बालोतरा के वेदरलाई के लिए 5 तथा धौलपुर के बिजौली के लिए 2 उद्यमियों ने भाग लिया। ई-बिड में सफल निजी विकासकर्ता को भूमि आवंटित किए जाने के बाद संबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में सड़क, जलापूर्ति, विद्युत, ड्रेनेज, वर्षा जल संचयन, स्ट्रीट लाइटिंग सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास निजी विकासकर्ता की जिम्मेदारी होगी। इसके अतिरिक्त, निर्धारित शर्तों के अनुसार औद्योगिक पार्कों में सीईटीपी के लिए ग्रीन इंसेंटिव, कॉमन यूटिलिटी सेंटर तथा प्लग-एंड-प्ले कार्यालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

साथ ही, विकासकर्ता को विद्युत शुल्क, स्टाम्प शुल्क एवं रूपांतरण शुल्क में छूट अथवा प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है। राजस्थान में विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण के निर्माण के लिए उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के विकास, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और समावेशी औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस नीति के तहत मॉडल-ए में लैंड पार्सल्स के लिए निवेशकों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में औद्योगिक निवेश के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि राजस्थान निवेशकों के लिए एक आकर्षक औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है तथा निजी औद्योगिक पार्कों के विकास में उद्यमियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। इन औद्योगिक पार्कों के विकसित होने से प्रदेश में आने वाले समय में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों के विस्तार की संभावना है।

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