जोधपुर में कमजोर वर्गों को मिला सहारा, करोड़ों के ऋण से सैकड़ों परिवार बने आत्मनिर्भर
जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का सिलसिला जारी
राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड, जोधपुर द्वारा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे। निगम की विभिन्न ऋण योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर।
जोधपुर। राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड, जोधपुर द्वारा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। निगम की विभिन्न ऋण योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ लेकर आज सैकड़ों परिवार अपनी आजीविका मजबूत कर रहे हैं। वर्ष 2023-24 इस वर्ष में निगम ने कुल 273 लोगों को स्वरोजगार के लिए 4 करोड़ 5 लाख 80 हजार रुपये का ऋण वितरित किया। यदि वर्गवार समझें तो— सबसे अधिक लाभ अनुसूचित जाति (SC) वर्ग को मिला, जहां 108 लोगों को 2 करोड़ 9 लाख 10 हजार रुपये दिए गए। सफाईकर्मी/स्वच्छकार (NSK) वर्ग के 85 लोगों को 80 लाख 80 हजार रुपये की सहायता दी गई। दिव्यांगजन वर्ग के 42 लाभार्थियों को 57 लाख 30 हजार रुपये मिले। अनुसूचित जनजाति (ST) के 5 लोगों को 10 लाख 74 हजार रुपये दिए गए।
वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 12 लोगों को 5 लाख 40 हजार रुपये दिए गए । इस वर्ष का आंकड़ा साफ बता रहा है। कि निगम ने अधिक संख्या में लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा। वर्ष 2024-25 : इस वर्ष में कुल 169 लाभार्थियों को 1 करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपये का ऋण दिया गया। वर्गवार वितरण इस प्रकार रहा— SC वर्ग के 78 लोगों को 76 लाख 36 हजार रुपये OBC वर्ग के 33 लोगों को 45 लाख 51 हजार रुपये NSK वर्ग के 28 लोगों को 20 लाख 58 हजार रुपये दिव्यांगजन के 16 लोगों को 11 लाख 31 हजार रुपये ST वर्ग के 5 लोगों को 3 लाख 34 हजार रुपये निगम ने जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का सिलसिला जारी।

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