'नो-वर्क' पॉलिसी - बरसात सिर पर लेकिन अभी तक नहीं हो पाई नालों की सफाई

कागजों में सिमटा टेंडर

'नो-वर्क' पॉलिसी - बरसात सिर पर लेकिन अभी तक नहीं हो पाई नालों की सफाई
छावनी क्षेत्र के 4 वार्डो पर मंडराया बाढ़ का खतरा।

कोटा। नगर निगम की घोर लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता के चलते इस मानूसन में छावनी क्षेत्र के कई वार्डों में बाढ़ के हालात बनने तय हैं। छावनी क्षेत्र के मुख्य नालों की सफ़ाई पिछले दो से तीन साल से नहीं हुई है, जिससे वर्तमान में ये नाले पूरी तरह कचरे और सीवरेज की गंदगी से पट चुके हैं। यदि तेज़ बारिश होती है, तो आठ से ज़्यादा वार्डों का निकासी पानी रुक जाएगा और पूरा इलाका जलमग्न हो जाएगा। पूर्व पार्षदों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निगम की स्वास्थ्य शाखा केवल कागज़ी खानापूर्ति कर रही है। धरातल पर न तो लेबर लगाई गई है और न ही मशीनों से सफ़ाई सुनिश्चित की गई है। हद तो यह है कि अधिकारी अब जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय 'पार्षद पद पर नहीं होने' का बहाना बनाकर ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं।

बस्तियों में घुसेगा सीवरेज, व बाढ़ का पानी
इस मौखे के मुहाने से नहर के दुसरी और तक बनें नाले में ही सिवरेज लाईन डाल दी गई है। जिससे नाले की गहराई और कम हाे गई है। सफ़ाई न होने से नाला पूरी तरह चोक है। यदि मूसलाधार बारिश होती है,तो यह ढाई फीट का मोखा इतने बड़े क्षेत्र का पानी निकालने में पूरी तरह अक्षम साबित होगा। पानी सीधे छावनी, रामचंद्रपुरा,गोपेश्वर महादेव मंदिर, राजपूत कॉलोनी,शमशान घाट से क्षमा कॉलाेनी छावनी सब्जी मण्डी और पुलिसचौकी के आसपास की घनी बस्तियों में घुस जाएगा, जिससे लाखों की संपत्ति का नुकसान और महामारी फैलने का अंदेशा है। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार कहते है कि निगम की यह 'नो-वर्क' पॉलिसी जनता के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

3 साल से अटके टेंडर, 2.5 फीट के मोखे पर टिका 5 वार्डों का भविष्य
एक छोटे मोखे पर भारी दबाव: छावनी क्षेत्र के वार्ड नंबर 15, 42 रामचंद्रपुरा, 43 समा कॉलोनी और 44 सहित लगभग 5 वार्डों के बरसाती पानी की निकासी नहर के नीचे बने मात्र ढाई (2.5) फीट के एक आर्च नुमा मोखे से होती है।

2 निकास लेकिन वॉटर लेवल गलत
स्थानीय निवासी हरदयाल नागर बताते है कि यहां 60 फीट की दुरी पर ही नहर के नीचे से 2 निकास थे। वर्तमान चालू मोखे के पैरेलल बने हुये दूसरे चैनल का वॉटर लेवल ऊपर कर दिया गया है। जिससे पानी टकराकर वापस रामचंद्रपुरा और छावनी की बस्तियों में बैक मारता है। सबसे निचला इलाका होने के कारण वार्ड 42 रामचंद्रपुरा में नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं और गलियों में रिटर्न पानी भर रहा है।

Read More बपावरकलां न्यू बस स्टैंड पर बिना नाले के बन रही सीसी सड़क

तीन साल से सफ़ाई ठप
वार्ड 42 के निवर्तमान पार्षद ऐश्वर्य श्रृंगी ने बताया कि मेरे वार्ड में नहर के सहारे बने नाले की लम्बाई 600 मीटर के लगाभग है। जिसमें आकर पुरे क्षेत्र का पानी आकर गिरता है। इसी नाले के बीच में पानी के निकास के लिये बने मौखे स्थित है। पिछले साल भी हमनें 30 अप्रेल को तीनों वार्डो 15, 43 व 49 के पार्षदाें ने सामुहिक लेटर नगर निगम को लिखा था। बावजूद इसके 2-3 सालों से कोई टेंडर नहीं हुआ है। पिछले साल पार्षदों ने अपने स्तर पर जमादारों से हाथ की लेबर लगवाकर जैसे-तैसे कचरा साफ करवाया था।

Read More असर खबर का : कोटा-बूंदी को मिलेंगे 18 करोड़ के दो मंजिला 4 नए कॉलेज

अधिकारियों का रवैया उदासीन
स्वास्थ्य निरीक्षक  को लगातार फोटो और शिकायतें भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वार्ड 43 के पार्षद इसरार अहमद ने निगम अधिकारीयों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुये बताया कि अधिकारी फोन उठाना बंद कर चुके हैं। और शिकायत करने पर तंज कसते हैं कि अब आप पार्षद ही नहीं रहे हो। यहाँ तक कि पेड़ छंटाई जैसे आपातकालीन कामों में भी कांग्रेस-बीजेपी की राजनीति देखकर काम किया जा रहा है।

Read More करोड़ों का नया बस स्टैंड, फिर भी यात्रियों का इंतजार

दो साल पहले भी सफाई न होने के कारण यह मौखे चौक हो गये थे जिसके कारण लोगों के घरों मेें 5 फीट तक पानी भर गया था। यह आम लोगों के जान माल के नुकसान का कारण बनें उससे पहले ही प्रशासन को समय रहते सफाई करवानी चाहिये।
-बृजेश महावर स्थानीय निवासी

नाले की सफाई नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में भर जाता है। सामान्य दिनाें में भी निचली बस्तियों में नालिया उफान पर रहती है। यहां स्थित देवनारायण मंदिर में तक नालियों का गंदा पानी भर जाता है। निगम प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
-नवीश गोचर स्थानीय निवासी रामचन्द्रपुरा

मानव श्रम के लिये टेण्डर पर होगी सफाई
निगम अधिकारियों ने बताया कि ऐसी जगहों पर मशीनों का पहुंचना संभव नहीं हाेता है। ऐसे मे अलग से मानव श्रम लगवाना पड़ता है। इसके लिये टैण्ड़र की प्रक्रिया पुरी की जा चुकी है। मानसून पूर्व जल्द ही नालों सफाई करवाने की रूपरेखा बना ली गई है। 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भड़की CJP,  सरकार से हिरासत में लिए युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भड़की CJP, सरकार से हिरासत में लिए युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों की गिरफ्तारियों पर गहरी चिंता व्यक्त की...
रीको ने RVCF इंडिया ग्रोथ फंड- IV के साथ 30 करोड़ रूपये के अतिरिक्त योगदान के लिए किया अनुबंध
राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की हुई बैठक, पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
होर्मुज में स्थिति अपरिवर्तित, संप्रभुता की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता: ईरान
केजरीवाल का बड़ा ऐलान: ई-20 पेट्रोल पर देशव्यापी अभियान चलायेगी आप, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
183 निकायों में 24,752 सफाई कर्मियों की भर्ती, 15 अगस्त से आवेदन शुरू 
छात्रों पर लाठीचार्ज और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो, एनटीए को बैन करे सरकार: एनएसयूआई