सहकारिता विभाग में एक दिन का राजा, दिनभर जुबां पर रही सुर्खियां

ह एडिशनल रजिस्ट्रार का चार्ज, शाम को रिटायरमेंट

सहकारिता विभाग में एक दिन का राजा, दिनभर जुबां पर रही सुर्खियां
सहकारिता विभाग में सेवा नियमों के कारण आखिरी दिन सरकारी कार्यालय में दिलाया कार्यभार।

कोटा। सहकारिता विभाग में मंगलवार को अनोखा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। सुबह करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी अनिल काबरा ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, कोटा के पद का कार्यभार संभाला और उसी दिन शाम करीब 6 बजे इसी पद से सेवानिवृत्त होकर विदा हो गए। महज कुछ घंटों के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार का कार्यभार संभालने की यह प्रशासनिक प्रक्रिया दिनभर लोगों की जुबान पर रही। कई लोगों ने इसे फिल्म 'नायक' के चर्चित संवाद एक दिन का मुख्यमंत्री से जोड़कर भी देखा। गौरतलब है कि सहकारिता विभाग कोटा में मंगलवार को एक साथ तीन अधिकारी व कर्मचारी सेवानिवृत होकर विदा हुए।

दरअसल, अनिल काबरा का प्रमोशन करीब छह माह पहले अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर हो चुका था। लेकिन उस समय वे भीलवाड़ा प्राथमिक सहकारी विकास बैंक में सचिव के रूप में कार्यरत थे, इसलिए वहीं अपनी सेवाएं दे रहे थे। मंगलवार को उनकी सरकारी सेवा का अंतिम दिन होने के कारण उन्हें सहकारिता विभाग, कोटा में अतिरिक्त रजिस्ट्रार का औपचारिक कार्यभार ग्रहण कराया गया और निर्धारित समय पर सेवानिवृत्त किया गया।

सेवा नियमों के कारण अपनाई प्रक्रिया
सहकारिता विभाग से जुड़े जानकारों के अनुसार, अनिल काबरा मूल रूप से राज्य सरकार के अधिकारी हैं, लेकिन उनका अधिकांश सेवाकाल सहकारी बैंक, प्राथमिक सहकारी विकास बैंक और अन्य सहकारी संस्थाओं में विभिन्न जिम्मेदारियों पर बीता। यह संस्थाएं सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी हैं, लेकिन इन्हें सरकारी विभाग नहीं माना जाता। सेवा नियमों के अनुसार किसी सरकारी अधिकारी की औपचारिक सेवानिवृत्ति सरकारी विभाग के पद से ही होती है। इसी कारण उन्हें अंतिम दिन सरकारी कार्यालय कोटा में अतिरिक्त रजिस्ट्रार का कार्यभार ग्रहण करवाकर सेवानिवृत्त किया गया।

कई महत्वपूर्ण पदों पर दे चुके हैं सेवाएं
काबरा अपने लंबे सेवाकाल में विशेष लेखापरीक्षक, उप रजिस्ट्रार, प्रबंध निदेशक तथा भीलवाड़ा प्राथमिक सहकारी विकास बैंक के सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और सहकारिता क्षेत्र की गहरी समझ के कारण वे विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। 

Read More वार्डों का नक्शा नया, समस्याएं पुरानी

 

Read More कार की "बत्ती " में नशे का तहखाना, खुला राज तो निकली 18.2 किलो अफीम

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

बिहार में बेरोजगारी-भर्ती अनियमितताओं पर राजद का लोकभवन मार्च : तेजस्वी यादव हिरासत में, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन बिहार में बेरोजगारी-भर्ती अनियमितताओं पर राजद का लोकभवन मार्च : तेजस्वी यादव हिरासत में, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों में पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजद ने लोकभवन मार्च निकाला।...
कांग्रेस ने युवाओं को जोड़ने के लिए पंचायत टास्क फोर्स का किया गठन, युवाओं को चिन्हित कर करेगी प्रशिक्षित
राजस्थान में सूखे की दस्तक! गहलोत बोले- पदमपुर-घड़साना की तस्वीरें पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी
खड़गे पर टिप्पणी से गरमाई सियासत : कांग्रेस का BJP पर हमला, खेड़ो बोले- दलित नेता को अपमानित करने वाली सोच बेनकाब
रक्षाबंधन पर बहनों को रोडवेज की सौगात, 2 दिन तक बसों में कर सकेंगी निःशुल्क यात्रा
उद्घाटन के बाद मंडोर अस्पताल पर ताला : स्टाफ और संसाधनों का अभाव, गहलोत बोले- मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
निकाय चुनाव की तारीख की घोषणा : आचार संहिता लागू, जानें कब होगा मतदान