बाहर बोर्ड लगाया स्टेडियम में भोजन वितरण सख्त मना,अंदर सजाई भोज की प्लेटें
स्टेडियम में फिर बेलगाम अव्यवस्था
गंदगी और भोजन वितरण पर चेतावनी बोर्ड लगे, पर अमल नदारद।
कोटा। "स्टेडियम में झूठन और गंदगी के बीच मॉर्निंग वॉक, खेल के नाम पर हो रही पार्टियां "शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए अधिकारी अब फिर से सुस्त नजर आ रहे हैं। स्टेडियम परिसर में जगह-जगह चेतावनी बोर्ड तो लगवा दिए गए, लेकिन इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। परिणामस्वरूप एक समाज ने शुक्रवार से रविवार तक जेके पवेलियन स्टेडियम को किराए पर लिया और परिसर के भीतर ही चाय, नाश्ता व भोजन का आयोजन कर दिया। इससे न केवल खेल गतिविधियां प्रभावित हुईं, बल्कि स्वच्छता के दावे भी हवा-हवाई साबित हुए।शुक्रवार को मॉर्निंग वॉकर अचल शर्मा, मोइनुद्दीन, रितुराज सुमन, चेतन मीणा तथा गोलाफेंक कोच श्याम बिहारी नाहर ने आयोजन का विरोध किया। इस पर आयोजकों ने खेल अधिकारी वाई.बी. सिंह और केडीए अधिकारी सुमित चित्तौड़ा की सहमति का हवाला दिया।
शनिवार सुबह जब नवज्योति ने इस संबंध में खेल अधिकारी वाई.बी. सिंह से पूछा तो उन्होंने कहा कि आयोजक भोजन की टेबले हटाने के लिए मानने को तैयार नहीं हैं और दावा कर रहे हैं कि उन्हें केडीए से अनुमति मिली है।आप बीच में क्यों बोल रहे हो जैसी बातें कही जा रही हैं। वहीं केडीए अधिकारी सुमित चित्तौड़ा ने भोजन आयोजन की अनुमति देने से साफ इनकार किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने केवल खेल अधिकारी से बात करने को कहा था। इसके बाद उन्होने मामले को स्वयं दिखवाकर स्टेडियम परिसर से खाने की टेबलें हटवाई।

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