खतरा बैठा ग्राउंड वाटर टैंक में...कोई जानवर गिर जाए तो निकालना भी मुश्किल
ग्राउंड वाटर टैंक की जमीन से ऊंचाई मात्र 7 फीट
जलदाय विभाग के पंप हाउस के पास स्थित 21 लाख लीटर का ग्राउंड वाटर टैंक।
कोटा। एमबीएस परिसर मोर्चरी के पास स्थापित जलदाय विभाग का पंप हाउस , इसी के पास में 21 लाख लीटर का ग्राउंड वाटर टैंक बना हुआ है जिसकी जमीन से ऊंचाई मात्र 7 फीट है और यहां पर चारों तरफ मिट्टी पड़ी हुई है जिससे कोई भी जानवर इस टंकी की छत/ ढकान पर जा सकता है। छत का हाल ऐसा है कि इसमें छोटा जानवर तो क्या पूरा हाथी उतर जाए ऐसे में यदि कोई जानवर इतने बड़े पानी के जल स्रोत/ स्टोरेज टैंक में उतर जाए या गिर जाए तो उसको निकालने की संभावना तो नगण्य है । क्योंकि बाकी जगह यह ढकी हुई है ऐसे में गिरे हुए जानवर का पता चलना लगभग संभव नहीं है । ऐसी अवस्था में पानी के अंदर मरे हुए और मर जाने की स्थिति में जल प्रदूषण या जल में होने वाली संभावित बीमारियोंसे भारी नुकसान हो सकता है।
खुले टैंक की उपयोगिता और लगातार उसके द्वारा सप्लाई जारी रखने के मामले पर अधिकारी पहले तो बचते नजर आए बाद में अमृत 2.0 का हवाला देते हुए जल्दी ही नया वाटर टैंक और पंप हाउस तैयार करने की बात कहने लगे। जलदाय विभाग का कहना है कि नये प्रोजेक्ट का मामला 2023 से लंबित चल रहा है, खेडली फाटक क्षेत्र में स्थान चिन्हित हो चुका है जैसे ही प्रस्तावित बजट को मंजूरी मिलती है वहां पर नया टैंक बना दिया जाएगा। अभी जो भी स्थिति है उसे हम रिपेयर करवाएंगे
हैजा,रैबीज जेसी गंभीर बीमारियों का खतरा
दूषित जल के पीने से काफी ज्यादा गंभीर बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है ऐसे में एक साथ पूरे क्षेत्र में यदि ऐसे पानी की सप्लाई होती है तो वहां पर महामारी फैलने की प्रबल संभावना है।यही नहीं जल जनित रोगों में से हैजा अंग्रेजी में जिसे कॉलरा भी कहा जाता है टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए एंड ई होती है।
डिसेंट्री सामान्य भाषा में पेचिश या डायरिया कहा जाता है परजीवी संक्रमण के कारण अभी हाल ही में कुछ दिनों पूर्व मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बड़ी भयावह स्थिति हो गई थी ऐसे में अस्पताल परिसर के भीतर ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के द्वारा सप्लाई के काम में ली जा रही इस भूतल जल संग्रह की ऐसी स्थिति से अस्पताल सहित क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
खुले पानी के स्रोतों में यदि कोई रैबीज जैसी गंभीर बीमारी से संक्रमित जानवर गिर जाये तो पानी के जरिए भी यह गंभीर बीमारी फैल सकती है।
इनका कहना है
ऐसे पानी जिसमे यदि कोई संक्रमित जानवर गिरा है जो गंभीर बीमारी से संक्रमित हो तो पानी के जरिये बीमारी आगे तक फैलने की प्रबल संभावना हो सकती है। इस मामले में जलदाय विभाग व जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है।
-सुरेन्द्र सनाढ्य, नया नोहरा निवासी मरीज के परिजन
किसी प्रकार का खुला जल पीना मानव शरीर के साथ बीमारियों को निमंत्रण देना जैसा है गंभीर बीमारियों को फैलने से नहीं रोका जा सकता यदि पानी में कोई गंभीर संक्रमित वस्तु जानवर या बाहर से कोई पदार्थ मिला दिया जाए!
डॉ. अभिमन्यु शर्मा , वरिष्ठ चिकित्साधिकारी
टैंक बहुत पुराना है नया प्रोजेक्ट प्रपोजल खेडली फाटक जिंद बाबा के प्रस्तावित है अमृत 2.0 में मंजूरी के बाद काम तैयार करवायेंगे।
-श्याम माहेश्वरी, एक्सईएन पीएचईडी

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