इस बार भी तंग गलियों में नजर नहीं आएंगी फायर बाइक, चार फायर बाइक की भेजी डिमांड
कोटा में चार फायर बाइक की है आवश्यकता
नगर निगम के पास कोटा में करीब आधा दर्जन फायर स्टेशन हैं।
कोटा। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही शहर में जहां आग लगने की घटनाएं अधिक होने की संभावना है। वहीं निगम की ओर से आग पर काबू पाने की तैयारी तो की गई है लेकिन तंग गलियों में आग लगने पर वहां आग बुझाने के लिए अभी भी निगम के फायर अनुभाग के पास फायर बाइक नहीं आई है। जिससे इस बार भी बिना फायर बाइक के ही गर्मी निकालनी पड़ेगी। नगर निगम के पास कोटा में करीब आधा दर्जन फायर स्टेशन हैं। 30 छोटी बड़ी और दो हाइड्रोलिक दमकलें भी हैं। जिनसे बहुमंजिला इमारतों की आग बुझाई जा सकती है। करोड़ों रुपए की लागत वाली बड़ी-बड़ी दमकलें तो हैं। लेकिन मात्र 5 से 7 लाख रुपए कीमत वाली फायर बाइक नहीं हैं। जिससे पुराने शहर की तंग गलियों में आग लगने पर वहां बड़ी दमकलों के नहीं पहुंचने पर आग बुझाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
चार फायर बाइक की भेजी डिमांड
नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से कोटा में चार फायर बाइक की आवश्यकता होने पर राज्य सरकार को इसकी डिमांड भेजी हुई है। नगर निगम कोटा के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि वैसे तो निगम के पास हर तरह की दमकलें हैं। लेकिन तंग गलियों वाले इलाकों में आग लगने पर कई बार समस्या आती है। उसके लिए फायर बाइक की जरूरत पड़ती है। कोटा में चार फायर बाइक की डिमांड राज्य सरकार को भेजी हुई है। वहां स्वायत्त शासन विभाग के स्तर पर जब भी फायर बाइक क्रय की जाएंगी। वहां से कोटा भी आएंगी।
दो और फायर स्टेशनों के लिए मिली जमीन
नगर निगम के फायर अनुभाग के पास शहर में करीब आधा दर्जन फायर स्टेशन हैं। जिनमें सब्जीमंडी, श्रीनाथपुरम्, भामाशाहमंडी, रानपुर , कैथून और स्टेशन रोड स्थित खेड़ली फाटक में तो फायर स्टेशन हैं। जबकि नदी पार और बारां रोड पर भी फायर स्टेशन की आवश्यकता है। इसके लिए नगर निगम की ओर से केडीए को जमीन आवंटन के लिए पत्र लिखा गया था। जिसके बाद केडीए की ओर से कुन्हाड़ी और बारां रोड पर जमीन भी चिन्हित कर दी गई है। अब निगम की ओर से उन पर फायर स्टेशन बनाया जाना है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार से उसके लिए बजट आने पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
जयपुर में 20 हैं लेकिन उपयोग नहीं
सूत्रों के अनुसार जयपुर में करीब 19 से 20 फायर बाइक हैं। जो नगर निगम ने करीब डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत से वर्ष 2018 में क्रय की थी। उनमें से अधिकतर फायर बाइक का उपयोग ही नहीं हो रहा है। वे वहां धूल फांक रही हैं या उनका आग बुझाने के अलावा अन्य कामों में उपयोग किया जा रहा है। नगर निगम जयपुर के सीएफओ गौतम लाल ने बताया कि जयपुर में फायर बाइक पहले से ही हैं। जरूरत पडे पर उनका उपयोग किया जाता है। फिलहाल नई फायर बाइक क्रय करने की जानकारी नहीं है।

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