पेपर लीक की अंतिम कीमत किसने चुकाई: कोई लौटा दो मेरे पांच साल, निर्दोषों के हाल बेहाल
उर्मिला सांखला जैसे 800 परिवारों पर आया संकट ,पुलिस की नौकरी के साथ घर परिवार की खुशियां भी गई
एक सूचना ने पैरों तले जमीन खिसका दी, परिवारों के सपनों को भी कर दिया चकनाचूर।
कोटा। कई साल तक दिन-रात कड़ी मेहनत की। उसके बाद वह दिन आया जब सरकारी नौकरी का सपना साकार हुआ। उस सपने के पूरा होने पर खुद के साथ परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं था। एसआई बनने की सूचना से पूरा परिवार झूम रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने का भी अवसर आया था। फिर पांच साल बाद एक और सूचना आई जिसने मानों जीवन की खुशियों पर ही ग्रहण लगा दिया। सूचना थी एसआई भर्ती 2021 रद्द होने की। इस नौकरी के लिए क्या नहीं किया। घर परिवार से दूर रहकर घंटो नौकरी की। इसी बीच तीन दिन पहले हाईकोर्ट के एक आदेश ने उन खुशियों पर मानो ग्रहण सा लगा दिया हो। आखिर हमारी मेहनत और परिवार के त्याग का क्या दोष है।
यह पीड़ा केवल जोधपुर निवासी उर्मिला सांखला की ही नहीं है जो परिवार से करीब 400 कि.मी. दूर कोटा रहकर एसआई की नौकरी कर रही है। उस जैसी कई अन्य युवा भी हैं जिन्होंने अपने सपने पूरे करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। कई सालों तक परीक्षाओं की तैयारी की। तैयारी में परिवार ने हजारों लाखों रुपए खर्च किए। यहां तक कि कई परिवारों ने तो अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए जमीन के टुकड़े तक को बीच दिया। संकटों में जीवन बिताया केवल इसी आस में कि बेटा या बेटी नौकरी लग जाएगी तो वह सब कुछ फिर से प्राप्त हो जाएगा। लेकिन 5 साल पहले 2021 में निकली एसआई भर्ती में ऐसी गड़बड़ी हुई कि हाईकोर्ट ने तीन दिन पहले उसे रद्द कर दिया। कोर्ट के इस एक आदेश ने उन नौकरी कर रहे युवाओं के साथ ही उनके परिवारों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया।
अखबार पढ़ा तो होश उड़ गए
कोटा शहर में करीब सवा साल से एसआई की नौकरी कर रही जोधपुर निवासी उर्मिला सांखला ने बताया कि 5 अप्रैेल को समाचार पढ़ा कि हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द कर दिया है। यह पढ़ते ही होश उड़ गए। ऐसा लगा मानो पैरों के नीचे से जमीन ही खिचक गई हो। काफी देर तक तो कुछ समझ ही नहीं आया कि यह क्या हो गया। पानी पिया और खुद को संभाला। उसके बाद तो करीब 400 कि.मी. दूर बैठे परिवारजनों के फोन आना शुरु हुए। परिवार वालों का कहना था कि पल भर में उनकी आशाओं पर पानी फिर गया।
एनसीसी में होने से नौकरी अच्छी लगी
उर्मिला ने बताया कि कॉलेज में उनके पास एससीसी थी। जिसमें रहकर उन्हें पुलिस में नौकरी करने की इच्छा जगी थी। इसी बीच 2021 में एसआई भर्ती निकली। उसके लिए दिन रात मेहनत की। परिवार वालों ने पूरा साथ दिया। लिखित परीक्षा, इंटरव्यूह व शारीरिक दक्षता समेत सभी परीक्षाओं को एक-एक कर पार करते हुए आखिर जुलाई 2023 में वह दिन आया जब खुद के साथ घर परिवार का सपना साकार हुआ। नौकरी के लिए चयन होने पर परिवार में उसी दिन असली दिवाली मनी थी। परिवार के सभी सदस्य सोच रहे थे बेटी के कंधों पर दो स्टार और वर्दी होगी।
15 माह की ट्रेनिंग पूरी की
उर्मिला ने बताया कि नौकरी के लिए चयन होने के बाद अक्टूबर 2023 में ट्रेनिंग पर गए। करीब 15 माह की ट्रेनिंग घर परिवार से दूर रहकर की। उसके बाद जनवरी 2025 में आदेश मिला कि उन्हें कोटा शहर में ड्यूटी देनी है। उस आदेश के बाद भी घर परिवार वालों ने खुशी-खुशी भेजा। हालांकि घर परिवार से 400 कि.मी. दूर रहकर नौकरी करना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन भविष्य सुरक्षित करने और परिवार को आर्थिक सम्बल देने के लिए खुशी-खुशी नौकरी कर रही थी।
एक आदेश ने किया सब कुछ खत्म
तीन दिन पहले हाईकोर्ट के एक आदेश ने मानो सब कुछ खत्म कर दिया। पांच साल पहले जिस जगह से शुरुआत की थी वापस उसी जगह पर आ गए। उन्होंने बताया कि अब नौकरी तो जाएगी ही साथ ही परिवार की खुुशियां और उसके साथ ही नौकरी में रहते हुए जो सपने संजोए थे आर्थिक स्थिति में सुधार के वे भी मानो चकनाचूर हो गए हैं।उर्मिला ने बताया कि यह आदेश ऐसे समय में आया है जब हाल ही में निकली एसआई भर्ती परीक्षा भी हो चुकी है। नौकरी मिलने से पहले जहां अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। नौकरी मिलने के बाद वह भी छोड़ दिया था। वहीं उस समय जिनकी नौकरी नहीं लगी उन्हें हाल ही में एसआई भर्ती की परीक्षा देने का मौका मिला लेकिन हमे तो वह भी नहीं मिल सका। अब न जाने कब और कौन सी नौकरी मिलेगी भी या नहीं।
मुझे किस गुनाह की सजा दी गई है?
जीवन के सबसे प्रोडक्टिव 5 साल से भी अधिक का समय इस नौकरी को हासिल करने में लगा दिया। 2021 आरएएस प्रीलिम्स उत्तीर्ण किया, एसआई भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा के समय ही आरएएस मेन्स की परीक्षा भी दी । उसके बाद की सभी भर्ती परीक्षाओं में इस नौकरी के कारण भाग नहीं लिया। क्या कोई मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण 5 वर्ष से अधिक का समय जो मैंने इस नौकरी को दिया मेरे जीवन में वापस जोड़ सकता है? क्या कोई न्यायालय मुझे बताएगा कि मुझे किस गुनाह की सजा दी गई है।

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