पहले महंगाई, अब बारिश ने मूर्तिकारों की तोड़ी कमर, इस बार बप्पा होंगे महंगे
मूर्तियां सुखाने का समय नहीं, ऊंचाई पर प्रतिबंध से गणेश मंडलों में निराशा, प्रतिमाओं के दामों में पिछले साल से डेढ गुना वृद्धि
गणेशोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह व उमंग का वातावरण बना हुआ है। बीते दो साल से कोरोना के चलते यह त्यौहार पहले जैसे नहीं मनाया जा सका था। इस साल पाबंदिया हट गईं तो महंगाई चरम पर पहुंच गई। इसके बाद बारिश ने भी मूर्तिकारों को नुकसान पहुंचाया।
कोटा । गणेशोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह व उमंग का वातावरण बना हुआ है। बीते दो साल से कोरोना के चलते यह त्यौहार पहले जैसे नहीं मनाया जा सका था। मूर्तिकार व सज्जाकार खाली बैठे रहे थे। इस साल पाबंदिया हट गईं तो महंगाई चरम पर पहुंच गई। इसके बाद बारिश ने भी मूर्तिकारों को नुकसान पहुंचाया। महंगाई, मूर्तियों की बढ़ती मांग और बारिश के बीच मूर्ति बनाने वाले घबराए हुए हैं, उन्हें मूर्तियां सुखाने का मौका ही नहीं मिल पा रहा है। इन सब कारणों से इस बार बाप्पा की मूर्ति काफी ज्यादा कीमत पर मिलने की आशंका बनी हुई है। पिछले दो सालों में बप्पा की मूर्तियों की कीमत में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। साथ मिट्टी, रंग, मजदूरी दोगुना महंगे मूर्ति को आकर्षक बनाने के लिए रंग जरूरी है लेकिन ये करीब 30 फीसदी अधिक रकम में मिल रहे हैं। मूर्तिकार सुभाष भास्कर ने बताया कि बीते साल मूर्ति के लिए लगने वाली मिट्टी 6000 रुपए ट्रक में उपलब्ध थी, इस बार 9 से 10 हजार रुपए में मिल रही है। मूर्ति में लगने वाले लकड़ी के बत्ते भी 4 रुपए फीट से बढ़कर 8 रुपए हो गए हैं। पिछले साल जो कारीबर 500 रुपए रोज में काम पर आते थे। इस बार 700 से 800 रुपए रोज ले रहे हैं । मूर्तियों की ऊंचाई पर प्रतिबंध पड़ रहा भारी मूर्तिकार गणेश ने बताया कि बीते साल कोरोना प्रतिबंध व उत्सव की सीमा तय करने के साथ गणेश मूर्ति की ऊंचाई 4 फुट से ज्यादा न रखने के निर्देश जारी किए थे। इस बार भी इसी सीमा के तहत मूर्तियां तैयार की गई और मूर्ति की ऊंचाई की ये सीमा देर से हटाई गई। अब कई मंडल ज्यादा ऊंचाई वाली मूर्तियों की मांग कर रहे हैं। वहीं बार बार होने वाली बारिश के चलते मूर्तियों को सुखाने का वक्त ही नहीं मिल रहा है। इससे मूर्तिकार ज्यादा ऊंचाई की मूर्तियां बनाने से इंकार कर रहे हैं। पहले के आॅर्डर को पूरा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है। 30 प्रतिशत महंगी मिलेंगी मूर्तियां मूर्तिकार सुभाष ने बताया कि वर्तमान में बाजार में महंगाई और बारिश बड़ा फैक्टर है। मूर्तियों को सुखाने के लिए अपेक्षित समय नहीं मिल पा रहा है। इन सब कारणों का मूर्ति की कीमत पर असर पड़ेगा। ये 30 प्रतिशत तक महंगी हो सकती है, इस बार 25 मूर्ति का लक्ष्य रखा था लेकिन लगता नहीं कि ये पूरा हो पाएगा। अभी मूर्तियां 1 हजार से लेकर 9 हजार रुपए तक तैयार हुई है।
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