रामगढ़ से पिछड़ा मुकुंदरा, 1 जिप्सी के भरोसे जंगल सफारी, 100 किमी चक्कर काटकर भी निराश लौट रहे पर्यटक
रामगढ़ में दौड़ रही 6 जिप्सी , पर्यटक बोले-शहरी सीमा में स्वीकृत रूट पर शुरू करें सफारी
दो साल बाद भी मुकुंदरा की बोराबांस में शुरू नहीं हुई सफारी, दरा जाकर भी शहरवासियों को नहीं मिल रही सफारी की बुकिंग।
कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू हुए करीब दो साल बीत चुके हैं, इसके बावजूद सफारी परवान नहीं चढ़ी। जबकि, रामगढ़ टाइगर रिजर्व हाउस फुल चल रहा है। नतीजन, राजस्व और पर्यटकों की संख्या में मुकुंदरा, रामगढ़ टाइगर रिजर्व से पिछड़ रहा है। इसकी बड़ी वजह मुकुंदरा की सफारी 1 ही जिप्सी के भरोसे चल रही है। जबकि, रामगढ़ में 6 जिप्सी पर्यटकों को जंगल की सैर करवा रही है। दरअसल, मुकुंदरा में एक ही रेंज दरा में जंगल सफारी करवाई जा रही है, जो कोटा शहर से करीब 48 किमी दूर है और टिकट बुकिंग भी आॅफलाइन है। ऐसे में पर्यटक दरा जाता है तो जिप्सी पहले से ही बुक रहती है। ऐसे में उन्हें 48 किमी जाना और वापस आने में करीब 100 किमी का चक्कर काट बैरंग लौटना पड़ता है।
रुट्स बने फिर से शहर से सटे बोराबास में शुरू नहीं हुई सफारी
शहरी सीमा से सटे रावतभाटा रोड स्थित मुकुंदरा की बोराबास रेंज में जंगल सफारी शुरू किए जाना प्रस्तावित है। इसके रुट्स भी बन चुके हैं। हाल ही में रुट्स संशोधित भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यहां 2 साल बाद भी सफारी शुरू नहीं हो सकी। जबकि, यह जंगल शहर के नजदीक होने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। इसके बावजूद मुकुंदरा प्रशासन द्वारा यहां सफारी शुरू नहीं की जा रही। पर्यटकों को शहर से 48 किमी दूर दरा जाना पड़ता है, जहां भी एक ही जिप्सी होने से बुकिंग नहीं मिल पाती। ऐसे में उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है।
बोराबास में है चम्बल व जंगल का विहंगम व्यू प्वाइंट्स
नेचर प्रमोटर एएच जैदी का कहना है कि शहर से सटी बोराबास रेंज का जंगल काफी घना है। यहां चंबल व जंगल के कई विहंग्म व्यू प्वाइंट है। इसके अलावा पैंथर, भेड़िया, भालू, जरख, फॉक्स सहित अन्य बड़े वन्यजीवों का हैबीटाट है, जिनकी सफारी के दौरान साइटिंग होने से पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा। इधर, पर्यटकों का कहना है कि मुकुंदरा प्रशासन यदि, रावतभाटा रोड स्थित बोराबांस रैंज में स्वीकृत रुट्स पर सफारी शुरू करें तो हमें दरा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय की बचत होगी और ट्यूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
यह रहेगा 15 किमी का सफारी रुट्स
बोराबास रेंजर राजपाल शर्मा ने बताया कि यहां दौलतगंज स्थित डायवर्जन चैनल के पास चौकी से सफारी के लिए पर्यटकों को एंट्री मिलेगी। यहां से चंबल नदी के किनारे कोटिया भील महल, चंबल व्यू प्वाइंट, गरड़िया व्यू प्वाइंट होते हुए रथकांकरा तक रुट रहेगा। यह रुट्स गत अक्टूबर माह में ही तय किया गया था। जल्द ही सफारी शुरू किए जाने की तैयारी है।
दरा में एक जिप्सी के भरोसे सफारी
दरा सेंचुरी में जंगल सफारी के लिए मात्र एक ही जिप्सी है, जो सुबह की पारी में 6 से 9 बजे तथा दोपहर 3 से 6 बजे तक रहती है। पर्यटकों को एंट्री व टिकट दरा रेंज कार्यालय से लेना होता है। यहीं से बुकिंग आॅफलाइन की जाती है। कोटा शहर से जाने वाले पर्यटकों को वहां जाकर पता लगता है कि जिप्सी एडवांस बुक हैं, ऐसे में उन्हें सफारी का मौका अगले दिन मिल पाएगा या फिर दोपहर की पारी तक इंतजार करना होगा। दोनों ही सूरत में पर्यटकों का समय व्यर्थ हो जाता है। मजबूरन उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है। यदि, यहां जिप्सियों की संख्या बढ़ाई जाए तो भी लोगों को राहत मिल सकती है।
ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों से झलकता प्राचीन वैभव
नेचर प्रमोटर एएच जैदी ने बताया कि प्राकृतिक छटा के साथ मुकुन्दरा विरासत से भरा पड़ा है। रिजर्व में 12वीं शताब्दी का गागरोन किला, 17वीं शताब्दी का अबली मीणी का महल, पुरातात्विक सर्वे के अनुसार 8वीं-9वीं शताब्दी का बाडोली मंदिर समूह, भैंसरोडगढ़ फोर्ट, 19वीं शताब्दी का रावठा महल, शिकारगाह समेत कई ऐतिहासिक व रियासतकालीन इमारतें, गेपरनाथ, गरड़िया महादेव मंदिर भी है, जो कला-संस्कृति व प्राचीन वैभव को दशार्ते हैं। ऐसे में इन रुट्स पर सफारी शुरू होने से पर्यटक विरासत से रुबरू हो सकेंगे।
इधर, रामगढ़ में दोनों स्लॉट की सफारी हाउस फुल
रामगढ़ टाइगर रिजर्व के रेंजर सुमीत कुमार ने बताया कि नवम्बर व दिसम्बर माह से जंगल सफारी हाउस फुल चल रही है। सफारी के लिए यहां 6 जिप्सी संचालित की जा रही है। सुबह की 6 से 9 और शाम की 3 से 6 बजे की दोनों पारी में पर्यटकों को जबरदस्त रुझान देखने को मिल रहा है।
क्या कहते हैं पर्यटक
दरा में जंगल सफारी के लिए बुकिंग आॅफलाइन है, जो पर्यटन के लिहाज से सही नहीं है। शहर से 48 किमी का सफर कर दरा पहुंचते हैं तो वहां जाकर जिप्सी एडवांस बुक होने की बात पता चलती है, जिससे आना-जाना मिलाकर 100 किमी का चक्कर व्यर्थ हो जाता है। मुकुंदरा प्रशासन को बोराबास रैंज में सफारी शुरू करनी चाहिए।
-अशोक कुमार, महावीर नगर तृतीय
दरा बहुत दूर पड़ता है। ऐसे में रावतभाटा रोड स्थित बोराबास या कोलीपुरा रेंज में प्रस्तावित रुट पर जंगल सफारी शुरू की जानी चाहिए। ताकि, पर्यटकों का समय व पेट्रोल का पैसा बच सके। साथ ही बुकिंग प्रणाली भी आॅनलाइन होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति सफारी से पहले बुकिंग की करंट स्टेटस को देख ट्रैवलिंग प्लान बना सके।
-राम नारायण माहेश्वरी, दादाबाड़ी छोटा चौराहा
मैं अपने साथियों के साथ कुछ दिनों पहले सफारी के लिए दरा गया था। वहां जाकर पता लगा कि जिप्सी एडवांस में ही बुक हो चुकी है। ऐसे में शाम का स्लॉट मिलने पर सफारी मिल सकती थी। जिसके लिए दोपहर 3 बजे तक का इंतजार करना पड़ता। ऐसे में वापस बैरंग लौटना पड़ा। यदि, बुकिंग व्यवस्था आॅनलाइन होती या फिर जिप्सी की संख्या अधिक होती तो उसी दिन सफारी का मौका मिल जाता। विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और शहरी सीमा में स्थित रावतभाटा रोड के जंगलों में सफारी शुरू की जानी चाहिए।
-चेतन सैन, प्रहलाद मीणा कैशवपुरा
बोराबास रेंज में जंगल सफारी शुरू की जानी है। यहां के रुट्स भी तय कर दिए हैं, अब यहां रास्ते, वाच टावर, एंट्री गेट सहित पब्लिक फेसेलिटी डवलपमेंट के लिए कार्य किए जा रहे हैं। हमारी कोशिश वित्तिय वर्ष की समाप्ती से पहले सफारी शुरू किए जाने की कोशिश है। पर्यटन बढ़ाने के लिए हमारी तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
-सुगनाराम जाट, सीसीएफ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व

Comment List