अब गैस सिलेंडर को भी कंकू पत्री का न्यौता, आयोजक जुटे गैस सिलेंडरों की व्यवस्था करने में
पहले गणेश जी, फिर गैस सिलेंडर को निमंत्रण
आखातीज पर शादियों की रहेगी धूम: रसद विभाग में आवेदन करने पहुंच रहे आयोजक।
कोटा। जैसे-जैसे अक्षय तृतीया (आखातीज) नजदीक आ रही है, शहर में विवाह समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार बड़ी संख्या में शादियों के मुहूर्त होने से हर तरफ उत्सव का माहौल है, लेकिन इन खुशियों के बीच एक दिलचस्प तस्वीर भी सामने आ रही है कि अब गैस सिलेंडर को भी कंकू पत्री (निमंत्रण) देने की नौबत आ गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस संकट की स्थिति बनी हुई है। यहां पर पर्याप्त मात्रा में कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इसका असर शादी समारोह पर भी पड़ रहा है। आगामी दिनों में आखातीज के अबूझ सावे पर काफी संख्या शादी समारोह के आयोजन होंगे। ऐसे में आयोजक गैस सिलेंडरों की व्यवस्था करने में जुट गए हैं।
पहले गणेश जी, फिर गैस सिलेंडर को निमंत्रण
शहर में परंपरा के अनुसार विवाह आयोजक सबसे पहले भगवान गणेश को कंकू पत्री देकर शुभ कार्य की शुरूआत कर रहे हैं, लेकिन बदलते हालात में अब गैस सिलेंडर भी आयोजन का अहम हिस्सा बन गया है। यही कारण है कि आयोजक मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि गणेशजी के बाद अब सिलेंडर को भी न्यौता देना पड़ रहा है। सरकार के निर्देश के अनुसार शहरी क्षेत्र में शादी के आयोजकों को तीन गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए आयोजकों को शादी के कार्ड के साथ रसद अधिकारी कार्यायल में आवेदन करना होगा। इसके बाद सम्बंधितों को गैस सिलेंडरों की सप्लाई की जाएगी।
रसद कार्यालय बना बुकिंग सेंटर
आखातीज को लेकर पिछले एक सप्ताह से रसद विभाग का कार्यालय मानो बुकिंग सेंटर में तब्दील हो गया है। रोजाना शादी समारोह से जुड़े परिवार कार्यालय में आवेदन करने के लिए पहुंच रहे हैं। हर कोई समय रहते गैस सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहता है, ताकि शादी में रसोई व्यवस्था प्रभावित न हो। सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में विवाह समारोह के लिए अधिकतम तीन गैस सिलेंडर देने के निर्देश हैं, लेकिन बड़े आयोजनों में यह संख्या कम पड़ सकती है। कैटरिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि एक बड़े विवाह में कई बार इससे अधिक सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है, जिससे अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
जुगाड़ में भी जुटे आयोजक
सिलेंडर की बढ़ती मांग को देखते हुए आयोजक हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कोई पहले से बुकिंग कर रहा है तो कोई निजी संपर्कों के जरिए अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था में लगा है। कई लोग गांव या रिश्तेदारों से भी सिलेंडर मंगाने का प्रयास कर रहे हैं। विवाह आयोजकों का कहना है कि खाने-पीने की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है और गैस सिलेंडर की कमी से पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि कई लोग वैकल्पिक जुगाड़, जैसे अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था या निजी स्तर पर संपर्क साधने में भी जुटे हुए हैं।
बाजारों में बढ़ी रौनक
आखातीज के चलते शहर के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। ज्वैलरी, कपड़े, सजावट और कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों के यहां ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल पहले से ही बुक हो चुके हैं। आखातीज पर अबूझ सावा होता है। इस कारण इस दिन विवाह समारोह की धूम रहती है। ऐसे में हर कोई पहले से ही शादी समारोह से जुड़ी सभी तैयारियां कर लेना चाहता है। बाजारों में इन दिनों खरीदारी की रौनक बनी हुई है।
भोजन व्यवस्था किसी भी समारोह का प्रमुख हिस्सा होती है और गैस सिलेंडर की कमी से पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। इसी कारण वे समय से पहले आवेदन कर गैस सिलेंडर की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।
-राजेन्द्र, शादी आयोजक
गैस की सप्लाई सुचारू हो रही है। इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आमजन को परेशानी नहीं हो। शादी समारोह को लेकर इन दिनों कार्यालय में आवेदन आ रहे हैं।
-कुशाला बिलाला, जिला रसद अधिकारी

Comment List