अब पेंशनर्स ले सकेंगे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

डाक विभाग ने शुरू की नई पहल

अब पेंशनर्स ले सकेंगे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

कोटा। राजकीय सेवा में जीवन के कई साल निकालने के बाद सेवानिवृत होने के बाद कार्मिकों को अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र सरकार को देना होता है। इसके बाद भी उन्हें पेंशन मिल पाती है। ये प्रमाण पत्र सेवानिवृत प्रत्येक कर्मचारी को हर साल देना होता है। ऐसा नहीं करने पर पेंशन रोक दी जाती है। सेवानिवृत कार्मिक स्वयं के जिंदा होने के सबूत बतौर जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर रहते हैं। यह कहानी उन बुजुर्गों की है जो किसी ना किसी सरकारी विभाग से सेवानिवृत हुए हैं। इन बुजुर्गों को अब एक नया सारथी मिल गया है। यह सारथी बुजुर्गों को घर बैठे ही उनके जीवित होने का जीवन प्रमाण पत्र बनवा कर सौंपेगा। जिसके लिए डाक विभाग ने एक नई पहल शुरू की है।

70 रुपए का देना होगा शुल्क
पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार, बैंक या अन्य किसी विभाग में जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। पेंशनर्स अपने नजदीकी डाकघर के पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपए का शुल्क देने होगा। यह प्रमाण पत्र स्वत संबंधित विभाग को आॅनलाइन पहुंच जाएगा। इससे पेंशन मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी। यह सुविधा सभी डाकघरों में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि भारतीय डाक विभाग के माध्यम से सभी विभागों के पेंशनरों को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट प्रदान करने की सुविधा दी जा रही है। अब पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर या किसी तरह डाकघर के कर्मचारी को सूचना देकर अपना प्रमाण पत्र बनवा सकता है।

हर साल देना पड़ता जिन्दा होने का प्रमाण
सरकारी विभागों से रिटायर हो चुके बुजुर्गों के लिए भारत सरकार के पोस्टल डिपार्टमेंट ने एक नई पहल की है। आपको बता दें कि हर साल नवंबर के महीने में बुजुर्ग पेंशनरों को अपना जीवन प्रमाण पत्र सरकारी विभाग में जमा करना होता है। जो बुजुर्ग चल फिर नहीं सकते या फिर बीमार रहते हैं उनके लिए यह प्रमाण पत्र बनवाना बेहद कष्टदायी होता है। अब इस प्रमाण पत्र को बनाने का जिम्मा पोस्टल डिपार्टमेंट ने संभाल लिया है।

डाक विभाग की यह सुविधा काफी अच्छी है। जीवित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनरों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। डाक विभाग कम शुल्क में यह सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। इससे कोटा जिले के पेंशनरों को काफी राहत मिलेगी।
- बलबीर सिंह, पेंशनर 

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पेंशनर इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमैन के साथ-साथ मोबाइल एप से भी आॅनलाइन अनुरोध भी कर सकते हैं। इसके लिए पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक या डाकघर खाता संख्या और पीपीओ नंबर देना होगा। जिसके बाद उनकी आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
- मनीष चौरसिया, प्रधान डाकपाल, डाकघर धानमंडी कोटा

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