यात्रीगण कृपया ध्यान दें, बस स्टैंड पर आने से पूर्व निवृत्त होकर आएं
बस स्टैंड पर सुविधाएं स्टेण्ड़बाय..... बिना पानी के शौचालय, स्त्री गरिमा को पहुचां रही ठेस
पेयजल और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कई यात्री बस स्टैंड आने से बच रहे।
कोटा। संजय नगर स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रहीं। पेयजल का संकट, जर्जर और बंद पड़े शौचालय साफ-सफाई की कमी के कारण यहां आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग व्यंग्य में कहते नजर आते हैं— यात्रीगण कृपया ध्यान दें,आने से पूर्व घर से ही निवृत्त होकर आएं राजस्थान रोडवेज के मुख्य बस स्टैंड की बिगड़ती व्यवस्थाओं का असर अब यात्रियों की संख्या पर भी दिखने लगा है। पेयजल और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कई यात्री बस स्टैंड आने से बच रहे हैं। या सीधे नयापुरा बस स्टैण्ड़ जा रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाएं सुधरें तो इस परिसर में रोडवेज के यात्रियों की वापसी संभव है।
जिम्मेदार बोले 3 लाख का खर्च ,बजट नहीं
परिसर में ही बन्द पड़े सुलभ शौचालय पर किसी यात्री द्वारा लिखी गयी टिप्पणी प्रशासनिक बेपरवाही की पोल खोलकर रख रही है। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि दो ढ़ाई वर्ष पूर्व एक बिहारी परिवार यहां पर रहता था जब यह शौचालय बनाये गये तब से ही इसमे पानी जमा होने की समस्या थी ऐसे में इसका एस्टीमेंट बनाकर कॉम्पलैक्स के मैनेजर को बताया गया है यहा करीब 3 लाख का खर्चा है जिसके बाद ही यह चालू किया जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि निगम द्वारा इस परिसर के उपयोग लीज के 22 लाख किराया रकम के सामने यात्रियों की सुविधाओं के नाम पर 3 लाख रुपए तक का बजट नहीं ।
महिला कार्मिकों को संक्रामक बिमारियों खतरा
निगम कार्मिकों में आॅफिस स्टाफ के रूप में भी महिलाओं की संख्या काफी है यहां पर 24 महिलाएं अपनी सेवायें दे रही है, ऐसे में महिला कार्मिकों की जरूरी मूलभूत सुविधाओं का इतना बड़ा टंटा होना यहाँ के प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता पर भी सवाल है। महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार इस तरह के टायलेट के उपयोग से महिलाओं में संक्रामक बिमारियां तक फैलने का खतरा होता है।
सुविधाएं केवल स्टाफ के लिए वो भी बिना पानी
रोड़वेज परिसर में कुल तीन सुविधाघर बनें हुये हे जिनमें से एक प्रथम तल पर है जिसे स्टाफ के द्वारा प्रयोग में लिया जा रहा है। दुसरा ग्राउण्ड़ फ्लोर आईटीसी के पास बना हे जिस पर केवल स्टाफ के लिये लिखा है। हांलाकि इसकी हालात देखकर इसका प्रयोग कोई कर ही नहीं सकता । कमोड़ के चारों तरफ भरा कीचड़ पानी का कनेक्शन तक नहीं, र्दुगन्ध से महिलाओं द्वारा तो इसे कदापि यूज नहीं लिया जा सकता। वहीं तीसरा टॉयलेट सुलभ कॉम्पलेक्स का हे जिस पर पे एण्ड़ यूज तो लिखा है पर इस पर भी कई वर्षो से ताला जडा हुआ है जिसकी गवाही जंग लगा ताला दे रहा है।
महिलाओं की बढ़ी दिक्कत
हम बस पकड़ने के लिए समय से पांच मिनट पहले ही आते हैं। यहां सुविधाएं तो दूर, हाथ धोने तक का पानी नहीं मिलता। बच्चों के साथ आने में ज्यादा परेशानी होती है। अगर अचानक कोई जरूरी बात हो जाए तो बस छोड़कर वापस घर भागना पड़ सकता है।
-कमला बाई (55 वर्ष), कोटा-माधोपुर बस यात्री
पे एण्ड़ यूज काफी समय से बन्द पड़ा है, नीचे वाले टायलेट को पिछले साल की ठीक करवाया था। यह गंदगी कबसे है और पानी की कमी की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आयी अभी ठीक करवायेंगे।
- अजय मीणा प्रबंधक रोड़वेज कोटा आगार

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