पॉक्सो मामले में मंदिर पुजारी को 5 साल की सजा, जानें पूरा मामला
नाबालिग बालिकाओं से अश्लील हरकत का मामला
कोटा। कोटा के नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में नाबालिग बालिकाओं के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय क्रम संख्या दो के न्यायाधीश ने आरोपी पुजारी गोपालदास उम्र 75 वर्ष को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने पीड़ित दो बालिकाओं को 25-25 हजार रुपए प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह भानावत ने बताया कि 18 अगस्त 2024 को एक नौ वर्षीय बालिका की मां ने नयापुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी मंदिर में पूजा और आरती में शामिल होने गई थी। घर लौटने पर उसने बताया कि मंदिर के पुजारी ने उसके कपड़े उतरवाकर उसके साथ से छेड़छाड़ की। साथ गई अन्य बालिकाओं ने भी आरोप लगाया कि पुजारी ने एक दिन पहले उनके साथ भी इसी प्रकार की अश्लील हरकत की थी और किसी को बताने के लिए मना किया था।
शिकायत के आधार पर नयापुरा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान में आरोप प्रमाणित होने पर पुलिस ने आरोपी पुजारी गोपालदास को गिरफ्तार किया और दोषी मानते हुए अदालत में आरोप पत्र पेश किए थे । ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की और से अदालत में कई गवाहों के बयान लेखबद्ध करवाए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पुजारी को पॉक्सो एक्ट में दोषी मानते हुए पांच वर्ष का साधारण कारावास और 10,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। न्यायालय ने छेड़छाड़ के मामले में तीन वर्ष का साधारण कारावास और 5,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि का समायोजन किया जाएगा। साथ ही आरोपी को तत्काल केंद्रीय कारागृह, कोटा भेजने के आदेश दिए।

Comment List