सबसे अधिक आयोजन वाले भीतरिया कुंड के बरामदे व शेड हुए जर्जर, कभी भी हो सकता हादसा
बरसात में कभी भी हो सकता है हादसा, बिना मरम्मत करवाए कई गुना बढ़ाया किराया
निगम को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे है।
कोटा। शहर में कोटा विकास प्राधिकरण के सामुदायिक भवनों की तुलना में नगर निगम के सामुदायिक भवनों की हालत अधिक खराब है। वहीं सस्ता व सुलभ होने से सबसे अधिक आयोजन भीतरिया कुंड स्थित बरामदों में हो रहे थे लेकिन यहां के बरामदे व टीनशेड जर्जर हो चुके है। जिससे यहां बरसात के समय में कभी भी हादसा हो सकता है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से हाल ही में सामुदायिक भवनों व भीतरिया कुंड के बरामदों का किराया कई गुना बढ़ा दिया है। इस संबंध में एक दिन पहले आयुक्त द्वारा आदेश जारी किया गया है। आदेश जारी होते ही इसका विरोध भी शुरु हो गया है। पार्षदों का कहना है कि नगरत निगम ने सामुदायिक भवनों व भीतरिया कुंड के बरामदों की हालत में न तो कोई सुधार किया और न ही वहां सुविधाएं बढ़ाई गई। जबकि बिना जीर्णोद्धार के इनका किराया बढ़ाने से आमजन व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर भार बढ़ाया है।
जिस स्थिति में है उसी में दिया जाएगा
आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड बरामदे की बुकिंग व आरक्षण के नियम तय किए गए हैं। उन नियमों के तहत यहां की बारहद्वारी व बरामदों की बुकिंग के शुल्क में किसी तरह की कोई रियायत नहीं दी जाएगी और बुकिंग निरस्त करवाने पर रिफंड भी नहीं मिलेगा। साथ ही सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड के बरामदे जिस स्थिति में है उसी में दिए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था भी आयोजक को अपने स्तर पर ही करनी होगी।
यह है हालात
शिवपुरा स्थित भीतरिया कुंड में एक बारहद्वारी और दो बरामदें व एक शाखा ग्राउंड है। यहां का किराया अभी तक 1 हजार से 1500 रुपए ही था। साथ ही गार्डन में मंदिर और पार्किंग की सुविधा होने से जॅरूरतमंद व अधिकतर जन्मदिन व छोटे-छोटे आयोजन इसी जगह पर करना पसंद करते है। यही कारण है कि इस जगह पर सबसे अधिक आयोजन होते रहे है। जबकि हालत यह है कि यहां की बारहद्वारी जर्जर हो रही है। जिसका प्लास्तर कभी भी गिर सकता है। जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। यहां आए दिन आयोजन होने से बड़ी संख्या में लोग आते है। मंगलवार को भी एक कार्यक्रम हो रहा था। इसके अलावा बारहद्वारी के सामने खाना बनाने के लिए टीनशेड बना हुआ है। वह भी पूरी तरह से जर्जर हो रहा है। कई जगह से शेड टूटा होने से उसके भी कभी भी गिरने या बरसात में पानी टपकने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय पार्षद व गौशाला समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने बताया कि सामुदायिक भवन व भीतरिया कुंड के बरामदों की मरम्मत के लिए निगम को कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे है। सिंह ने बताया कि यहां का किराया कम होने से अधिकतर गरीब लोग कार्यक्रम करते है। ऐसे में इस जगह का किराया 1 हजार व 15 सौ से बढ़ाकर 10 से 12 हजार करना गलत है। इसे कम करवाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा आयुक्त व महापौर को पत्र
इधर सामुदायिक भवनों व भीतरिया कुंड बरामदों के किराए में बढ़ोतरी करने पर नगर निगम कोटा दक्षिण के नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी ने महापौर व आयुक्त को मंगलवार को पत्र लिखे है। जिसमें कहा कि निगम के सामुदायिक भवनों का किराया कम होने से गरीब व मध्यम वर्ग के लोग यहां आसानी से कार्यक्रम कर रहे हैं। किराए में बढ़ोतरी से आमजन पर आर्थिक भार बढ़ेगा। साथ ही किराया बढ़ोतरी का असर आने वाले समय में नगर निगम चुनावों पर भी पड़ेगा। जिसका खामियाजा भाजपा को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किराया बढ़ाने का आदेश निगम हित में तो है लेकिन आमजन के हित में नहीं है। इस पर पुर्नविचार किया जाना है।इसके लिए शीघ्र ही बोर्ड की बैठक आयोजित की जानी आवश्यक है।
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