Space Research
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Read More... खरगे-जयराम ने दी जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन की सफलता पर ISRO टीम को बधाई, कहा- देश की रणनीतिक क्षमताओं में होगी बढ़ोतरी
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने GSLV-F17/EOS-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित पहला इमेजिंग उपग्रह देश की पृथ्वी अवलोकन क्षमताओं को और मजबूत करेगा। SSLV के पहले चरण के बेहतर संस्करण का सफल परीक्षण, 600 से अधिक अलग-अलग मानकों की जांच : ISRO
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा में छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के पहले चरण (एसएस1) के उन्नत संस्करण का सफल जमीनी परीक्षण पूरा कर लिया है। इस सुधार से रॉकेट की क्षमता में लगभग 100 किलोग्राम अतिरिक्त पेलोड ले जाने की बढ़ोतरी होगी। इसरो ने 22-टन थ्रस्ट क्षमता के साथ क्रायोजेनिक इंजन सीई—20 का सफल परीक्षण किया, भविष्य के मिशनों में 22-टन थ्रस्ट क्षमता के साथ सीई20 इंजनों को इस्तेमाल करने की योजना
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इसरो ने 22-टन थ्रस्ट क्षमता वाले सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण कर अंतरिक्ष विज्ञान में नया इतिहास रचा है। नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस यह इंजन एलवीएम3 रॉकेट की पेलोड ले जाने की क्षमता को बढ़ाएगा। 165 सेकंड के इस परीक्षण ने भविष्य के भारी उपग्रह मिशनों के लिए भारत की शक्ति को और सुदृढ़ कर दिया है। नासा को मिली बड़ी कामयाबी, जेम्स वेब टेलीस्कोप से डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार
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जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा बनाया। अध्ययन से ब्रह्मांडीय संरचना और गुरुत्वीय लेंसिंग की नई समझ मिली। इसरो ने एसएसएलवी के उन्नत तीसरे चरण का सफल स्थैतिक परीक्षण किया
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इसरो ने SSLV के तीसरे चरण (SS3) के उन्नत संस्करण का स्थैतिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस नए डिजाइन से रॉकेट की पेलोड क्षमता 90 किलोग्राम बढ़ गई है, जिससे छोटे उपग्रह प्रक्षेपण और प्रभावी होंगे। 