मुरलीपुरा में सामूहिक गणगौर पूजन 15 मार्च को, नवविवाहिताओं को मिलेगा नखराली गणगौर सम्मान
गणगौर पूजन पर्व धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रहा
सिटी पैलेस पर पारंपरिक गणगौर पूजन के साथ ही सामाजिक संस्थाओं द्वारा लकड़ी की गणगौर का विशेष पूजन आयोजित किया जा रहा। मुरलीपुरा विकासनगर में 15 मार्च को सुबह 10-11 बजे सामूहिक गणगौर-ईसर पूजन और पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ।
जयपुर। परंपरागत रूप से बड़ी गणगौर का पूजन जयपुर के सिटी पैलेस में ही होता रहा है, जहां पूर्व राजपरिवार की महिलाएं गणगौर पूजन करती हैं। अब विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से लकड़ी से बनी बड़ी गणगौर विशेष ऑर्डर देकर तैयार करवाई जा रही है, ताकि महिलाओं को गणगौर पूजन की वास्तविक और पारंपरिक अनुभूति मिल सके।
होली के दूसरे दिन से शुरू हुआ गणगौर पूजन पर्व धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। प्रारंभिक आठ दिनों तक होली की राख से बनी गणगौर का पूजन किया जाता है, जबकि शीतला अष्टमी के बाद मिट्टी की गणगौर का पूजन किया जाता है। राजस्थानी लोक परंपरा और संस्कृति से जुड़ा यह पर्व अब नए स्वरूप में भी देखने को मिल रहा है। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से सुहागिन महिलाओं के लिए सामूहिक गणगौर पूजन के आयोजन बढ़ने लगे हैं। हाल ही में आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में आयोजित सामूहिक गणगौर पूजन में करीब 3000 महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ गणगौर का पूजन किया था।
इसी कड़ी में मुरलीपुरा के मैन विकासनगर में गौरव बाल निकेतन स्कूल के पास होली चौराहे पर रविवार, 15 मार्च को सुबह 10 से 11 बजे तक सामूहिक गणगौर-ईसर पूजन समारोह का आयोजन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर पूजन सामग्री की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु सहज रूप से इस पूजन में भाग ले सकें। विशेष आकर्षण के रूप में श्री गोविंद देव जी मंदिर से लाए गए गणगौर-ईसर स्वरूप का विशेष पूजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में सुहागिन महिलाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी तीन महिलाओं को “नखराली गणगौर सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समाज की दो वयोवृद्ध माताओं को “बूढ़ी गणगौर सम्मान” प्रदान किया जाएगा। सम्मान स्वरूप सुहाग सामग्री और स्मृति चिह्न भेंट किए जाएंगे।
आयोजन में गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा, विकास नगर विकास समिति मुरलीपुरा तथा नवयुवक मंडल विकास नगर का विशेष सहयोग रहेगा।
विकासनगर विकास समिति के अध्यक्ष पन्नालाल तंवर ने बताया कि क्षेत्र की माता-बहनों एवं श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर इस धार्मिक आयोजन में भाग लेने और भारतीय संस्कृति की परंपराओं को सशक्त बनाने का आह्वान किया जा रहा है। आसपास के क्षेत्रों में घर-घर जाकर आयोजन का आमंत्रण भी दिया जा रहा है।
कार्यक्रम संयोजक अरुण कुमार पंसारी ने बताया कि इस प्रकार के सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम समाज में संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम की तैयारियां क्षेत्रवासियों के सहयोग से उत्साहपूर्वक की जा रही हैं।
अखंड सौभाग्य की कामना के साथ होगा हवन :
इससे पूर्व सुबह 8 से 10 बजे तक निःशुल्क पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु आहुतियां देकर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। अखंड सुख-सौभाग्य की कामना के साथ विशेष रूप से सौभाग्यवती महिलाएं एवं नवविवाहिताएं मां पार्वती का ध्यान कर विशेष आहुतियां देंगी। यज्ञ पूरी तरह निःशुल्क होगा और श्रद्धालुओं को कोई भी सामग्री लाने की आवश्यकता नहीं होगी।
मनु महाराज के सान्निध्य में होने वाले इस आयोजन का दीप प्रज्वलन पं. कृष्णा शर्मा करेंगे। इसके बाद प्रातः 10 से 11 बजे तक सामूहिक गणगौर-ईसर पूजन का आयोजन किया जाएगा।

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