नासा को मिली बड़ी कामयाबी, जेम्स वेब टेलीस्कोप से डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार

जेम्स वेब से डार्क मैटर का सबसे विस्तृत नक्शा

नासा को मिली बड़ी कामयाबी, जेम्स वेब टेलीस्कोप से डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार

जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा बनाया। अध्ययन से ब्रह्मांडीय संरचना और गुरुत्वीय लेंसिंग की नई समझ मिली।

लंदन। वैज्ञानिकों ने नासा के जेम्स वेब टेलिस्कोप की मदद से अंतरिक्ष में डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार किया है। यह शोध ब्रिटेन की डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की टीम ने किया है। डार्क मैटर को ब्रह्मांड की सबसे बड़ी पहेलियों में से एक माना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रह्मांड में मौजूद कुल पदार्थ का बड़ा हिस्सा डार्क मैटर ही है, लेकिन यह न तो देखा जा सकता है और न ही यह रोशनी को उत्सर्जित, परावर्तित या अवशोषित करता है। यही वजह है कि सामान्य दूरबीनों से इसे सीधे देखना संभव नहीं है।

डार्क मैटर का द्रव्यमान (मास) जरूर होता है और इसी कारण इसमें गुरुत्वाकर्षण शक्ति होती है। वैज्ञानिकों ने इसी गुण का उपयोग कर इसका नक्शा तैयार किया। डार्क मैटर की गुरुत्वाकर्षण शक्ति दूर स्थित आकाशगंगाओं से आने वाली रोशनी को मोड़ देती है, जिससे वे आकाशगंगाएं टेढ़ी-मेढ़ी या विकृत दिखायी देती हैं। इस प्रक्रिया को गुरुत्वीय लेंसिंग कहा जाता है।

लगभग 10 लाख दूरस्थ आकाशगंगाओं की आकृति और रोशनी में आए इस बदलाव को मापकर वैज्ञानिक यह पता लगाने में सफल रहे कि डार्क मैटर कहां है और उसकी मात्रा कितनी हो सकती है। डरहम विश्वविद्यालय के कम्प्यूटेशनल कॉस्मोलॉजी प्रोफेसर रिचर्ड मेसी ने कहा कि कई दूर की आकाशगंगाएं असामान्य आकार में दिखाई देती हैं और यह इस बात का संकेत है कि उनके सामने डार्क मैटर मौजूद है। उन्होंने कहा कि इसी तरीके से जेम्स वेब टेलीस्कोप डार्क मैटर को देख पाता है, भले ही वह स्वयं अदृश्य हो।

इस नए नक्शे से यह भी पुष्टि हुई है कि डार्क मैटर बेतरतीब ढंग से फैला नहीं है, बल्कि वह उन संरचनाओं से गहराई से जुड़ा है, जिन्हें हम ब्रह्मांड में देख सकते हैं। जिस क्षेत्र का अध्ययन किया गया है, वह सेक्सटैंस तारामंडल में स्थित है। इस हिस्से का अध्ययन पहले भी किया गया था, लेकिन इतनी बारीकी से कभी नहीं। यह क्षेत्र पृथ्वी से दिखाई देने वाले पूर्ण चंद्रमा की चौड़ाई से लगभग ढाई गुना बड़ा है।

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डरहम विश्वविद्यालय के शोधकर्ता गैविन लिरॉय ने कहा कि पहले के नक्शे ऐसे थे जैसे धुंधले शीशे से डार्क मैटर को देखना, लेकिन जेम्स वेब टेलीस्कोप के उच्च गुणवत्ता वाले आंकड़ों से अब तस्वीर कहीं ज्यादा साफ हो गयी है। जेम्स वेब टेलीस्कोप की मदद से इस बार लगभग 10 लाख आकाशगंगाओं की पहचान की जा सकी, जो हबल टेलीस्कोप के सबसे गहरे सर्वेक्षण से भी दोगुनी है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह नक्शा भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों और ब्रह्मांड को समझने के प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

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