the security cycle of drone
राजस्थान  जैसलमेर 

सरहद पर ड्रोन वॉरियर्स का सुरक्षा चक्र : भैरव बटालियन और अशनी ड्रोन बदलेंगे मरुस्थलीय सीमा सुरक्षा का भूगोल, आधुनिक तकनीक और हाइब्रिड वॉरफेयर का दिखेगा संगम 

सरहद पर ड्रोन वॉरियर्स का सुरक्षा चक्र : भैरव बटालियन और अशनी ड्रोन बदलेंगे मरुस्थलीय सीमा सुरक्षा का भूगोल, आधुनिक तकनीक और हाइब्रिड वॉरफेयर का दिखेगा संगम  रेगिस्तान की तपती रेत और सुदूर थार के मरुस्थल में भारत-पाकिस्तान के बीच खिंची 1,070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्था अब एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रही। दशकों से जिस सीमा पर केवल ऊंटों की गश्त और पैदल जवानों की चौकसी का पहरा हुआ करता था, वहां अब आधुनिक तकनीक और हाइब्रिड वॉरफेयर का एक ऐसा संगम देखने को मिल रहा है जिसे भारतीय सेना ने सुरक्षा का नया चक्रव्यूह नाम दिया।
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