अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को दिया धोखा, ट्रंप ने छीना थॉड एयर डिफेंस सिस्टम, किम जोंग के लिए बड़ा मौका?

अमेरिका ने हटाया 'थाड' एयर डिफेंस सिस्टम

अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को दिया धोखा, ट्रंप ने छीना थॉड एयर डिफेंस सिस्टम, किम जोंग के लिए बड़ा मौका?

ईरानी मिसाइलों से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया से 'थाड' (THAAD) सिस्टम हटाकर मिडिल ईस्ट में तैनात करना शुरू कर दिया है। इस फैसले से सियोल में सुरक्षा को लेकर खलबली मच गई है। उत्तर कोरिया के खतरे के बीच दक्षिण कोरिया अब अपनी रक्षा रणनीति और अमेरिकी भरोसे पर पुनर्विचार करने को मजबूर है।

वॉशिंगटन। ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से थाड एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की जा रही है। सिर्फ थाड एयर डिफेंस सिस्टम ही नहीं बल्कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से कई और मिलिट्री हार्डवेयर भी ले जाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी मीडिया ने मामले से परिचित दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पेंटागन थाड सिस्टम के कुछ हिस्सों को मिडिल ईस्ट ले जा रहा है।

अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण कोरिया में खलबली मच गई है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने बताया है कि दक्षिण कोरिया को डोनाल्ड ट्रंप के इरादों पर गहरा शक पैदा हो गया है। उसने चेतावनी दी है कि परमाणु हथियारों वाला उत्तर कोरिया इस मौके का फायदा उठा सकता है। वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है कि आखिर उसने उत्तर कोरिया के इतने गंभीर खतरे के सामने अमेरिका के ऊपर भरोसा ही क्यों किया था? जबकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल में तबाही मचा रही हैं।

हालांकि, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि बगैर अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के भी दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया की तरफ से आने वाले खतरों को रोकने की क्षमता रखता है। राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि अगर पूछा जाए कि क्या इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ हमारी रोकथाम की रणनीति में कोई बड़ी रुकावट आएगी तो मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण कोरिया दुनिया में सबसे ज्यादा डिफेंस बजट पर खर्च करने वाले देशों की लिस्ट में आता है और देश का रक्षा बजट उत्तर कोरिया के जीडीपी का 1.4 गुना ज्यादा है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने शुक्रवार को कहा कि यूएस और साउथ कोरिया की सेनाएं मिडिल ईस्ट में कुछ अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को फिर से तैनात करने पर भी चर्चा कर रही हैं। 

वहीं दक्षिण कोरिया के कई अखबारों ने दावा किया है कि कुछ मिसाइल बैटरी को सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात में अमेरिकी बेस पर तैनात किए जाने की संभावना है।

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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति या विदेश मंत्री कुछ भी दावा करें लेकिन हकीकत यही है कि उत्तर कोरिया की घातक मिसाइलें देश पर भारी पड़ सकती हैं। अमेरिकी डिफेंस सिस्टम के दक्षिण कोरिया से बाहर निकलने के बाद देश की सुरक्षा कमजोर हो गई है। उत्तर कोरिया ने भी ईरान की तरह की हथियारों के निर्माण में ही भारी भरकम खर्च किए हैं।

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