अयातुल्लाह खामनेई ने कहा, पश्चिम के साथ ईरान के टकराव का मुख्य मुद्दा परमाणु नहीं, वैचारिक
वैचारिक विवाद ही संघर्ष की जड़: खामनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा कि पश्चिम के साथ विवाद का मुख्य कारण परमाणु कार्यक्रम नहीं, बल्कि ईरान द्वारा पश्चिमी प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था को दी जा रही चुनौती है। उन्होंने इस टकराव को वैचारिक बताया। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि इस कड़े रुख और प्रतिबंधों से ईरानी अर्थव्यवस्था पंगु हो गई है।
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई का कहना है कि ईरान के प्रति पश्चिमी देशों की शत्रुता का मुख्य कारण उसका परमाणु कार्यक्रम नहीं, बल्कि पश्चिमी प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था को ईरान द्वारा दी जा रही चुनौती है। यूरोप में इस्लामी छात्र संघों की वार्षिक बैठक के लिए जारी एक संदेश में खामेनेई ने जोर देकर कहा कि ईरान और पश्चिमी शक्तियों के बीच समस्या का मुख्य कारण परमाणु मुद्दा नहीं है, बल्कि ईरान की उस योजना का विरोध है जिसके तहत वह एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय इस्लामी व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि मुख्य विवाद वैचारिक है।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस टकराव को अन्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था के विरुद्ध एक प्रतिरोध बताया। उन्होंने हालिया क्षेत्रीय संघर्षों का संदर्भ देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना और क्षेत्र में उसके सहयोगियों के हमले को ईरान के युवाओं की पहल, साहस और बलिदान ने विफल कर दिया है।
गौरतलब है कि, कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि हाल के बारह दिवसीय युद्ध में ईरान को अपने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को खोना पड़ा और परमाणु तथा सुरक्षा बुनियादी ढांचे में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन आलोचकों का कहना है कि खामेनेई की दशकों पुरानी नीतियों के कारण पश्चिमी देशों के साथ हुए इस टकराव ने ईरानी जनता पर भारी आर्थिक बोझ डाला है। यही नहीं कड़े प्रतिबंधों ने अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है, मुद्रा को कमजोर किया है और जीवन यापन के लिए मुश्किलें पैदा की हैं। आलोचकों का कहना है कि इन चुनौतियों के बावजूद ईरान के वरिष्ठ अधिकारी इस रणनीति का बचाव कर रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि प्रतिबंधों ने आर्थिक अव्यवस्था को प्रभावित किया है, लेकिन उन्होंने इसे ईरान की औद्योगिक स्वतंत्रता और रक्षा क्षेत्र के विकास का एक कारक भी बताया। कुछ पर्यवेक्षकों के अनुसार, खामेनेई का यह कहना कि परमाणु मुद्दा गौण है, तेहरान के उन हालिया बयानों के विपरीत है जिसमें कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईऐईऐ) की रिपोर्टों ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर इसरायली और अमेरिकी हमलों का रास्ता साफ किया।

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