राजस्थान विश्वविद्यालय में अंबेडकर पीठ समाप्त करने के विरोध में NSUI का उग्र प्रदर्शन, जानें पूरा मामला
दैनिक नवज्योति ने उठाया था मामला
राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर पीठ समाप्त किए जाने के विरोध में NSUI छात्रों ने प्रदर्शन किया। कुलपति और सरकार के खिलाफ नारेबाजी व पुतला दहन किया गया। छात्र नेता किशोर चौधरी ने प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए पीठ की बहाली और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर पीठ को समाप्त किए जाने के विरोध में छात्र सड़कों पर उतर आए। NSUI से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला भी फूंका। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
यह प्रदर्शन NSUI के राजस्थान विश्वविद्यालय अध्यक्ष किशोर चौधरी के नेतृत्व में किया गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही और लगातार अनदेखी के कारण केंद्र सरकार ने अंबेडकर पीठ की मान्यता समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि अंबेडकर पीठ केवल एक अकादमिक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक थी, जिसे खत्म करना दलित-पिछड़े वर्गों की आवाज दबाने जैसा है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि अंबेडकर पीठ को तुरंत बहाल किया जाए और इसके संचालन में हुई लापरवाहियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। छात्रों का कहना था कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले को सबसे पहले दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था, जिसमें बताया गया था कि राजस्थान विश्वविद्यालय की उदासीनता के चलते केंद्र सरकार ने अंबेडकर पीठ को समाप्त करने का निर्णय लिया।

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