श्रीलंका सरकार का बड़ा फैसला, नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर लग सकता है बैन
श्रीलंका में नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर विचार
ऑनलाइन कंटेंट से बढ़ती चिंताओं के बीच श्रीलंका सरकार नाबालिगों की सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने पर विचार कर रही है। अंतिम निर्णय नीति तय होने के बाद होगा।
कोलंबो। श्रीलंका की सरकार ऑनलाइन कंटेंट के हानिकारक प्रभावों से जुड़ी चिंताओं में वृद्धि के बीच सोशल मीडिया तक नाबालिग बच्चों की पहुंच सीमित करने पर विचार कर रही है। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी। डिजिटल अर्थव्यवस्था के उप मंत्री एरंगा वीरारत्ने ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी दुर्घटनाओं में वृद्धि के बाद विद्यार्थियों और नाबालिगों के सोशल मीडिया के उपयोग पर संभावित सीमाओं का पता लगाने के लिए चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध लगाने का निर्णय जनसंचार मंत्रालय या शिक्षा मंत्रालय के तहत आएगा। एक बार नीति को अंतिम रूप देने के बाद, अधिकारी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।
डिजिटल अर्थव्यवस्था के उप मंत्री एरंगा वीरारत्ने ने कहा कि सरकार अभी तक किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची है, लेकिन देश को सोशल मीडिया कंटेंट से नाबालिग बच्चों के दिमाग को होने वाले नुकसान को संज्ञान में लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां नियंत्रण लागू करने के लिए स्थानीय दूरसंचार प्रदाताओं के साथ काम कर सकती हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था के उप मंत्री एरंगा वीरारत्ने ने कहा कि इसी तरह के उपाय पहले ही कई देशों में अपनाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यक तकनीकी क्षमता पहले से मौजूद है और इसे श्रीलंका में लागू किया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रतिबंध के लिए लागू करने से पहले एक औपचारिक सरकारी नीति और एक व्यापक योजना की आवश्यकता होगी। विश्व स्तर पर सरकारें साइबरबुलिंग, नाबालिगों के हानिकारक कंटेंट के संपर्क में आने और बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के बारे में ङ्क्षचताओं के कारण बच्चों की सोशल मीडिया मौजूदगी पर निगरानी बढ़ा रही हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण ऑस्ट्रेलिया है, जहां दिसंबर 2025 में नाबालिगों के लिए दुनिया का पहला सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू हुआ।

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