दिमित्री पोलियांस्की का दावा: यूक्रेन के लिए रूस ओएससीई विशेष निगरानी मिशन प्रारूप को फिर से शुरू करने के पक्ष में नहीं, सैन्य कार्रवाई बंद होने की मांग
ओएससीई एसएमएम पर रूस का रुख स्पष्ट
ओएससीई में रूस के प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने कहा कि यूक्रेन पर एसएमएम प्रारूप दोबारा शुरू करने में मॉस्को की कोई रुचि नहीं है, वियना साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया।
वियना। रूस की यूक्रेन के लिए यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के विशेष निगरानी मिशन (एसएमएम) के प्रारूप को फिर से शुरू करने में दिलचस्पी नहीं है।
यह बात ओएससीई में रूस के नये स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने स्पूतनिक को दिए एक साक्षात्कार में कही। उन्होंने कहा कि वियना पहुंचने पर वह पहले ही दूसरे प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। कई साथी बातचीत को मना नहीं कर रहे हैं लेकिन, बिना किसी वजह के वे कहते हैं कि पहले सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए और उसके बाद ही ओएससीई अवलोकन, निगरानी, विघटन (संघर्षरत पक्षों को अलग करना) और सत्यापन में अपनी क्षमता का एहसास कर पाएगा।
इसके आगे दिमित्री पोलियांसकी ने कहा, असल में एसएमएम जो कुछ भी कर रहा था। जैसा मैं समझता हूँ, उस मिशन के कुछ बचे हुए हिस्से कहीं न कहीं वह अवशेष हैं, और लोग शायद यह नहीं भूले हैं कि वह कैसा था। जाहिर है, कई लोग इस संसाधन को संगठन के योगदान के तौर पर देखते हैं। हमें एसएमएम के प्रारूप को दोहराने की जरूरत नहीं है। असली समझौते और बातचीत अभी दूसरे प्रारूप में हो रही हैं।
गौरतलब है कि, पोलियांस्की को 29 दिसंबर, 2025 को रूसी राष्ट्रपति के आदेश से वियना में ओएससीई में रूस का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। उन्होंने अलेक्जेंडर लुकाशेविच की जगह ली और 2026 की शुरुआत में अपना काम संभाला। इससे पहले पोलियांस्की न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में में रूस के उप स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुके हैं।

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