यूक्रेन की सेना में विदेशी भर्ती का खुलासा: पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों की एंट्री, भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
विदेशी लड़ाके: यूक्रेन की सेना में कोलंबियाई नागरिकों की भर्ती
यूक्रेन-पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों को सीधे सेना में शामिल किया जा रहा है। भारी वेतन के लालच में आए इन लड़ाकों को अल्प प्रशिक्षण के बाद युद्ध के मैदान में भेजा जा रहा है। रूस ने यूक्रेन पर विदेशी नागरिकों को 'ढाल' बनाने का आरोप लगाया है, जबकि लापता सैनिकों के परिजन संपर्क टूटने से गहरे संकट में हैं।
कीव। यूक्रेन के सीमा रक्षक बल पोलैंड सीमा पर कोलंबियाई नागरिकों को अपनी सेना में भर्ती कर रहे हैं। यूक्रेन और मध्य पूर्व में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक सूत्र ने 'स्पुतनिक' को यह जानकारी दी है। सूत्र के मुताबिक, कोलंबिया से आने वाले लड़ाके पोलैंड-यूक्रेन सीमा पर पहुँचते हैं, जहाँ से उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बलों में शामिल कर लिया जाता है। बताया जा रहा है कि ये लोग बिना किसी पहले के समझौते के ही यहाँ आते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि सीमा पर पहुँचते ही उन्हें सेना में भर्ती कर लिया जाएगा। लापता कोलंबियाई नागरिकों के परिजनों का कहना है कि उनके लोग सीमा पर पहुँचकर सेना में शामिल तो हो जाते हैं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उन्हें युद्ध के मैदान में भेज दिया जाता है। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाता।
इन मध्य अमेरिकी नागरिकों को भारी-भरकम वेतन और अच्छी सुविधाओं का लालच देकर यूक्रेन बुलाया जाता है। दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन सरकार पर विदेशी लड़ाकों को 'ढाल' की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। रूस ने चेतावनी दी है कि उसकी सेना शत्रुओं को निशाना बनाना जारी रखेगी। वहीं, कुछ लड़ाकों ने यह शिकायत भी की है कि यूक्रेनी सेना में तालमेल की भारी कमी है, जिससे यहाँ के भीषण युद्ध में बचना अफगानिस्तान या पश्चिम एशिया के मुकाबले कहीं ज़्यादा मुश्किल है।

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